अतिक्रमियों ने उखाड़ी सड़क
भूपखेड़ागांव में बुधवार को हंगामा खड़ा हो गया। प्रशासन द्वारा बनवाई जा रही सड़क को गांव के कुछ लोगों उखाड़ दिया। वे इस अतिक्रमण हटाए जाने से गुस्साए हुए थे। सप्ताह भर पूर्व सरकारी जमीन से प्रशासन ने अतिक्रमण हटवाकर सड़क निर्माण कराया। लेकिन यह गांव के कुछ लोगों को पसंद नहीं आया। सड़क उखाड़ दिए जाने की जानकारी के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात बनी नहीं।
भूपखेड़ा गांव से डवानी दर्जनभर गांवों की लिंक सड़क का निर्माण कार्य भूपखेड़ा गांव के पास कुछ ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण किए जाने के कारण पिछले तीन वर्षों से अटका हुआ था। 9 सितंबर को नायब तहसीलदार रवि कुमार शर्मा की समझाइश से अतिक्रमण हटा दिया गया था। इसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया बीएमसी कर दी गई। कुछ अतिक्रमियों ने बुधवार सुबह जमाई गई रोड़ियों को एक तरफ से दो-तीन फुट उखाड़ फेंका। सूचना मिलने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग जेईएन अमिता श्रीवास्तव मौके पर पहुंची और सड़क उखाड़ने वालों को समझाने का प्रयास करती रहीं पर उनकी एक सुनी। इस कारण निर्माण कार्य बंद हो गया और कर्मचारी लौट गए। एसडीएम लोकेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
थाने में दर्ज नहीं हुआ मामला
सड़कउखाड़ने और कार्य रोक देने का मामला थाने में दर्ज नहीं हो सका। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों ने पुलिस से भी संपर्क किया। इस संबंध में बहरोड़ के थानाधिकारी लालसिंह यादव ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की जेईएन अमिता श्रीवास्तव रिपोर्ट दर्ज कराने आई थीं। ऐसे मामलों में पुलिस रिपोर्ट नहीं बनती है। अगर निर्माण कार्य चालू कराने के लिए पुलिस जाब्ता चाहिए तो एसडीएम से लिखवाकर लिया जा सकता है।
निर्माणरुकने से ग्रामीणों में रोष
सड़कनिर्माण कार्य रुकने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन वर्ष से सड़क निर्माण कराने के लिए उपखंड प्रशासन के बार-बार चक्कर लगाकर अतिक्रमण हटवाया और फिर भी सड़क निर्माण रोक दिया गया, जिससे समस्या जस की तस बनी रह गई।
^आम रास्ते की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वाले लोगों ने सड़क को उखाड़ दिया और निर्माण कार्य नहीं करने दिया। इस कारण कार्य रोक दिया गया है। इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकायत पुलि