अलवर. जिला कारागार की बाहरी सुरक्षा का जिम्मा अब आरएसी के सशस्त्र जवानों पर रहेगा। जेल की बाहरी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के इरादे से जेल में आरएसी के 15 सशस्त्र जवान तैनात किए गए हैं। तैनाती के बाद से ये सभी जवान जेल की छत और जेल के बाहरी क्षेत्र पर गश्त कर रहे हैं। अचानक बढ़ी जेल सुरक्षा के पीछे जेल अधीक्षक इसे हाईकोर्ट के एक पुराने आदेश की पालना बता रहे हैं।
जेल अधीक्षक सुधीर प्रताप पूनिया का कहना है कि करीब दाे वर्ष पूर्व हाईकोर्ट ने जेल की बाहरी सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में सरकार को आदेशित करते हुए आरएसी के जवानों की नियुक्तियां करने के लिए कहा था।
एडीएम सिटी नीलिमा तक्षक ने बुधवार देर शाम जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला जेल में भी महिलाओं से बातचीत करने के अलावा सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एडीएम सिटी के निर्देश पर जेल बैरकों की गहनता से जांच की गई, हालांकि जांच में किसी प्रकार का प्रतिबंधित सामान नहीं मिला। करीब दो घंटे की जांच के बाद उन्होंने जेल अधीक्षक पूनिया सहित अन्य स्टाफ से जेल की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा भी की।
जेल में भिड़े थे दो गुट
सूत्रों के अनुसार जेल में मंगलवार को कैदियों के दो गुट आपस में भिड़ गए थे। जिसके बाद बुधवार को इन्हें अलग अलग बैरकों में शिफ्ट किया गया। हालांकि जेल प्रशासन इस घटना से इनकार कर रहा है।
जेल में अरशद गैंग के बदमाश
अलवर जेल में फिलहाल करीब आठ सौ बंदी हैं। जानकारी के अनुसार इनमें करीब बीस अपराधी हार्डकोर श्रेणी के हैं। इसमें कुख्यात अरशद गैंग के आठ आरोपी भी शामिल हैं। जेल अधीक्षक के अनुसार हार्डकोर आरोपियों को अलग-अलग बैरकों में रखा गया है ताकि किसी प्रकार की एकजुटता कर कोई षड़यंत्र रचा जा सके।
गौरतलब है कि पिछले दिनों एक और गैंग के सरगना हवा सिंह यादव को जेल में हथियार पहुंचाने की फिराक में हरसौरा थाना पुलिस के हत्थे चढ़े दो बदमाशों और जेल से ही हवा सिंह द्वारा रेवाड़ी के प्रॉपर्टी डीलर को गोली से उड़ाने के मिले आदेश पर हुई फायरिंग आदि के बयान पुलिस में दर्ज होने के बाद से ही हार्डकोर अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने, जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया था।