मोदी अमेिरका में
ये भी मिलेंगे मोदी से गूगल,एबॉट लैब्स, फॉर्ड, जनरल मोटर्स, जीई, बोईंग, आईबीएम, लॉकहीड मार्टिन समेत कई कंपनियों के सीईओ।
माइक्रोसॉफ्ट से लेकर गूगल सीईओ तक आएंगे
सत्यनडेला (माइक्रोसॉफ्ट), इंदिरा नूई (पेप्सीको), शांतनु नारायण (एडोब), अजय बंगा (मास्टरकार्ड), कामेश नागराजन (मॉर्गन स्टेनली), कार्ल मेहता (मेनलो वेंचर्स), सत महाजन, नितिन नोहरिया (हार्वर्ड बिजनेस स्कूल), प्रदीप के. खोसला (यूसी सैन डिएगो) आिद।
भारत क्या चाहता है अमेरिका क्या चाहता है
रॉकस्टार जैसा क्रेज; मोदी को सुनने के लिए वॉलंटियर भी बनने को तैयार हैं एनआरआई
अपने लेख में चुनाव के दौरान मोदी के 56 इंच के सीने, चुनावी वादे और उनकी अमेरिका यात्रा पर व्यंग्य कसा है। इस वक्त अमेरिका में मोदी की फील गुड लहर चल रही है। अमेरिका में बसे भारतीयों के लिए मोदी किसी स्ट्रॉन्ग मैन से कम नहीं हैं। अमेरिका जिस धार्मिक स्वतंत्रता का दंभ भरता है, भारत के लिए उसे किनारे कर दिया गया। मोदी को आगे बढ़कर बुलाया गया।
न्यूयॉर्क की सड़कों पर मोदी के लिए दीवानगी
10,000
18,500
लोग टाइम स्क्वेयर से सुनेंगे।
लोग मौजूद रहेंगे।
विश्व बाजार में िहस्सेदारी % में।
फ्रांस
08%
रूस
24%
जर्मनी
09%
अमेरिका 30%
और अमेरिका सबसे ज्यादा बेचने वाला...
डब्ल्यूटीओ पर सहमति चाहेगा
भारतसे डब्ल्यूटीओ पर सहमति चाहता है। लेकिन बीज, फूड और किसानों को सब्सिडी जैसे कुछ मसलों पर भारत की आपत्ति है। भारत को ढील की पेशकश हो सकती है।
वीसा नियमोंमें ढील उम्मीद
आईटीप्रोफेशनल्स के लिए वीसा नियमों में ढील की मांग। इमीग्रेशन बिल से भारत विरोधी प्रावधान हटाने की बात। आउटसोर्सिंग से असंतुलन हटाने की मांग।
रिटेल के मल्टी ब्रांड में 51% एफडीआई का कानून और परमाणु करार होने के बावजूद अमेरिकी कंपनियों को भारत में मुश्किलें रही हैं। ओबामा इनसे जुड़े कानून की शर्तें आसान बनाने की मांग कर सकते हैं।
आतंकी संगठन भारत की चिंता हैं। खासकर अल जवाहिरी की भारत को दी गई धमकियां। भारत इनसे निपटने के लिए अमेरिका से सहयोग चाहेगा।
एफडीआई कोआसान बनाने की मांग
आतंकवाद आतंकके खिलाफ कार्रवाई का भरोसा
रक्षा : भारत-अमेरिकाके बीच 42.80 हजार करोड़ के रक्षा सौदे अटके हैं। अमेरिका इन्हें जल्द पूरा करना चाहता है। भारत को अगले 10 साल में करीब 15,337