राम रहीम सरिस्का में भी करेंगे शूटिंग
सरसा माता मंदिर के बाहर खड़े वाहन।
सरिस्का में शूिटंग पर दो अहम सवाल
>वर्ष 2005 में सरिस्का से बाघों के सफाए के बाद वर्ष 2008 में टाइगर री-लोकेट तो कर दिए लेकिन उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अभी तक नहीं हो पाए। चार वर्ष पूर्व री-लोकेट किए एक बाघ की जहर देने से मौत भी हो चुकी है। इसकी रिपोर्ट में कहा गया था कि बाघों को अभी भी बाहरी गतिविधियों से खतरा है, ऐसे में शूटिंग की इजाजत क्यों दी गई?
> यदि फीस देकर कोर एरिया में बड़े स्तर पर शूटिंग की जा सकती है तो क्या इन कमर्शियल एक्टीविटीज से वाइल्ड लाइफ प्रभावित नहीं होगी, जबकि टाइगर री-लोकेशन प्रोजेक्ट से जुड़े एक्सपटर्स की रिपोर्ट में कोर एरिया में बाघों की सुरक्षा के लिए कमर्शियल एक्टीविटीज को खतरनाक माना गया था।
भास्कर न्यूज | अलवर
डेरासच्चा सौदा के संत राम रहीम सरिस्का के कोर एरिया में भी फिल्म की शूटिंग करेंगे। इसके लिए उन्होंने बाकायदा बतौर एडवांस अस्सी हजार रुपए जमा भी करा दिए हैं। सरिस्का में शूटिंग की इजाजत मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने दी है। कोर एरिया में शूटिंग की जानकारी मिलने के बाद वन्यजीव प्रेमियों ने नाराजगी जाहिर की है। उनका मानना है कि इससे वाइल्ड लाइफ प्रभावित होगी तथा टाइगर्स के बिहेव पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। हालांकि सरिस्का प्रशासन का दावा है कि कोर एरिया में कुछ चयनित कलाकारों को ही प्रवेश करने देंगे ताकि वाइल्ड लाइफ डिस्टर्ब हो।
क्षेत्रीय निदेशक सरिस्का आर एस शेखावत के अनुसार उनके पास पिछले दिनों जयपुर मुख्यालय से शूटिंग की कंसेंट से जुड़े आदेश भेजे गए थे। इसमें सोशल वेलफेयर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने के लिए सरिस्का क्षेत्र में 21 नवंबर से 25 दिसंबर के बीच इजाजत देने के लिए कहा गया था। हालांकि अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि सरिस्का कोर एरिया के किस भाग में फिल्म की शूटिंग होनी है।