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धर्म से पहले राष्ट्र की रक्षा करते हैं परमात्मा
अलवर| फलाहारीमहाराज ने कहा कि परमात्मा स्वयं अवतार लेकर धर्म से पहले राष्ट्र की रक्षा करते हैं। फिर धर्म की पुनर्स्थापना करते हैं। वे बुधवार को मधुसूदन सेवाश्रम में श्रीमद् भागवत कथा का वाचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संत भ्रमणशील रहकर ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान के अंधकार को दूर करते हैं। संत जगह जगह राम श्याम के नाम के हीरे मोती बिखेरते है। उन हीरे मोतियों को लूटने वाले सच्चे मालामाल हुए और धन संपत्ति के पीछे भागने वाले सांसारिक प्राणी अंत में कंगाल ही रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध में हमेशा विनाश और जन धन की हानि होती है। द्वापर युग में महाभारत नहीं हुआ होता तो भारत विश्व का सर्वोच्च वैज्ञानिक देश होता। उन्होंने कहा कि मत्स्य प्रदेश साधारण स्थान नहीं,पुण्य भूमि है। वेद व्यास के मामा का राज्य क्षेत्र और भगवान कृष्ण के आवागमन का मार्ग रहा है। योगीराज महाराजा भर्तृहरि ने तपस्या करके समाधि प्राप्त की। अलवर में ही वेद व्यास के पिता महर्षि पाराशर का तोप स्थान भी है।