लाल रंगीले प्रीतम मनमोहन...
गुरुमुखसम्मेलन के प्रवक्ता महेंद्र तनेजा ने बताया कि 14 फरवरी तक लंगर का समय दोपहर 12 से 2.30 बजे तक और शाम 7 से रात 9 बजे तक रहेगा। 15 से 17 फरवरी तक 24 घंटे अटूट लंगर चलेगा।
एकही शब्द सतनामजी
गुरुमुखसम्मेलन शुरू होने में अभी तीन दिन हैं। सम्मेलन स्थल पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 1500 सेवादार सुबह 5 से रात 12 बजे तक सेवा दे रहे हैं। सम्मेलन स्थल पर सभी आपस में परिचित नहीं होते हैं, इसलिए एक सेवादार दूसरे को किसी भी कार्य के लिए सतनामजी कहकर संबोधित करता है। यहां किसी भी वस्तु लेने देने से पहले भी सतनाम जी शब्द बोलते हैं। इस कारण इन दिनों गुरुद्वारे में चारों ओर संगत सेवादारों के मुख से अधिकाशंतः ही एक ही शब्द सुनाई देता है-सतनामजी।
14 साल से हर रविवार होता है पाठ
मनुमार्गस्थित गुरुद्वारे में पिछले 14 साल से हर रविवार सुखमनी साहिब का पाठ हो रहा है। इसके बाद कीर्तन दरबार सजता है, जिसमें स्थानीय बाहर के रागी जत्थे शबद गायन कर संगत को निहाल करते हैं। कार्यक्रम में बाहर की संगत भी शिरकत करती है।
अलवर. शबद कीर्तन कर संगत को निहाल करता रागी जत्था।
नगर संवाददाता | अलवर
मनुमार्गस्थित गुरुद्वारे में रविवार को सुखमनी साहिब का पाठ हुआ और कीर्तन दरबार सजा। इसके बाद लंगर का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरूआत सुखमनी साहिब के पाठ से हुई। इसमें गुरु की महिमा का उल्लेख किया गया। इसके बाद सजे कीर्तन दरबार में हजूरी रागी जत्था भाई गुरप्रीत सिंह ने लाल रंगीले प्रीतम मनमोहन, तेर दरसन कऊ हम बारे..., भाई बसंत गांधी ने राखनहार सम्हार जना, सगले छोड़ विचार मना... भाई जितेंद्र मदान कुक्कू ने राम रस पीया रे, जह रस बिसर गए रस ओर... शबद से संगत को निहाल किया। बाद में भाई जितेंद्र मदान ने अरदास कराई। फिर लंगर बरताया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद पाया। लंगर में दही भल्ले, मूंग की दाल का हलुवा, गुलाब जामुन, मटर पनीर की सब्जी और प्रसादा (रोटी) का प्रसाद पाया। प्रतिदिन लंगर में अलग-अलग व्यंजन होते हैं।