अलवर से छीना साई का बास्केटबॉल हाॅस्टल
हॉस्टल से िनकल चुके हैं 9 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
जिलेके लिए बुरी खबर है। भारतीय खेल प्राधिकरण के स्थानीय खेल केंद्र से बास्केटबॉल का हॉस्टल को शिफ्ट कर दिया गया है। राज्य के इस खेल का यह हॉस्टल अब जोधपुर के हॉस्टल में शामिल कर दिया गया है। इससे स्थानीय खिलाड़ियों नुकसान हुआ है। स्थानीय अधिकारी को यह जानकारी नहीं है कि हॉस्टल क्यों शिफ्ट किया गया है।
वर्ष 1991-92 में अलवर के इंदिरा गांधी स्टेडियम में शुरू हुए साई के खेल केंद्र में बास्केटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स कबड्डी का हॉस्टल एक साथ खोला गया था। बास्केटबॉल के नौ अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी स्थानीय हॉस्टल ने दिए। इनमें अलवर के दो पंकज मलिक गजेंद्र सिंह भी शामिल हैं। मलिक राष्ट्रीय टीम के कप्तान भी रहे। इस हॉस्टल में 15 खिलाड़ियों के लिए सीट थी। इनके साथ सैकड़ों स्थानीय खिलाड़ियों को भी प्रशिक्षण का लाभ मिल रहा था।
^खेल केंद्रों को बढ़ाया जाना चाहिए था। इससे और अधिक उत्कृष्ट खिलाड़ियों को स्थान मिलता। यहां तो खेल प्रतिभा के साथ न्याय नहीं हुआ। -पंकजमलिक, अंतरराष्ट्रीयखिलाड़ी बास्केटबाल।
^बास्केटबॉलसे अलवर का नाम पहचाना जाता है। बास्केटबॉल हॉस्टल शिफ्ट होने का असर जिले के सैकड़ों खिलाड़ियों पर होगा। -गजेंद्रसिंह, अंतरराष्ट्रीयबास्केटबाल खिलाड़ी।
^राज्यमें ऐसे हॉस्टलों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए थी। इसके उलट संख्या घटाई गई है। इससे खेलों का नुकसान होगा। -डॉ.एसएल भार्गव, अंतरराष्ट्रीयरेफरी, बास्केटबॉल।
^हमनेसांसद विधायक से बास्केटबॉल के हॉस्टल को शिफ्ट करने का विरोध जताया है। मांग की है कि फिर से इसे शहर में बनाया जाए। -पन्नालालसैनी पुष्पेंद्र चौधरी, अध्यक्षसचिव, जिला बास्केटबॉल संघ।
^इसबारे में साईं के पश्चिम जोन के निदेशालय(गांधी नगर, गुजरात) से ही जानकारी मिल सकती है। वहां से हमारे पास आदेश आए। हमने आदेश पर अमल किया है। -आरएसराठौड़, सहायकनिदेशक, साई, अलवर खेल केंद्र।
क्या कहते हैं खेलों से जुड़े लाेग