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देश की सुरक्षा के लिए ताकत एवं योग्य नेतृत्व आवश्यक
शहरके राजर्षि, गौरीदेवी और बाबू शोभाराम राजकीय कला कॉलेज में शुक्रवार को फोरम फोर इंटीग्रेटेड नेशनल सिक्योरिटी राजस्थान चैप्टर की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे विषय पर व्याख्यान हुआ। तीनों कॉलेजों में हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. निरंजन सिंह मलिक थे। राजर्षि कॉलेज में हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को देश की संस्कृति, इतिहास, आर्थिक विकास, राजनीतिक एवं अन्य मुद्दों पर छोटे-छोटे रोचक उदाहरणों से प्रेरित किया। बच्चों को बिना वर्दी का सैनिक बताते हुए राष्ट्र सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर योगदान करने की बात कही। उन्होंने पड़ौसी देशों से संबंध, सामरिक महत्वता सहित कई विषयों पर प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने राम को विश्व का सबसे बेहतर कमांडर और कृष्ण को सबसे बेहतर व्यूहरचना करने वाला बताते हुए इतिहास पुरुषों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद प्रश्नोत्तरी सत्र का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. दीपचंद गुप्ता, पूर्व उपाचार्य डॉ. पूरणसिंह चौधरी, पूर्व प्राचार्य डॉ. एनएल शर्मा, पूर्व प्राचार्य डॉ. कुमकुम कपूर सहित स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक शर्मा और उपाध्यक्ष अख्तर हुसैन ने मुख्य अतिथि को प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। संचालन प्रो. संजय दरगन ने किया।
गौरीदेवी कॉलेज में हुए कार्यक्रम में डॉ. मलिक ने भारत की प्राचीन संस्कृति का इतिहास बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए देश के भीतर ताकत एवं योग्य नेतृत्व आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को 90 दिन तक चीन द्वारा निर्मित सामान नहीं खरीदने का संकल्प लेने की बात कही। इस दौरान प्राचार्य ज्योति सिन्हा, डॉ. गंगा श्याम गुर्जर सहित स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। संचालन डॉ. लता शर्मा ने किया।
राजकीय कला कॉलेज में हुए कार्यक्रम में डॉ. मलिक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान एक कमजोर मुल्क है, इसलिए वह चार पराजय के बाद अप्रत्यक्ष युद्ध द्वारा भारत के शरीर पर हजार घाव की नीति के द्वारा युद्ध जारी किए हुए है। उन्होंने इस दौरान चीन की कूटनीतिक चालाकियों का जिक्र करते हुए बताया कि इन चालाकियों ने भारत के गले में म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका, पाकिस्तान होते हुए मोतियों की माला रूपी फंदा डाल दिया है। परंतु भारत अब सत