पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • विकास के लिए शांति जरूरी

विकास के लिए शांति जरूरी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
श्वेतांबर स्थानकवासी जैन श्रमण संघ के उपाध्याय प्रवर रविंद्र मुनि महाराज ने कहा कि परिवार, समाज राष्ट्र के विकास के लिए शांति जरूरी है। जिस परिवार में शांति नहीं होती वहां से लक्ष्मी भी रूठकर चली जाती है। वे शनिवार को महावीर भवन में धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नौ सूत्रों का पालन करने वाले परिवार, राष्ट्र और समाज की उन्नति और प्रगति को रोकने वाला कोई नहीं है। इनमें व्यवस्था, समझौता, सामंजस्य, सहिष्णुता, नेतृत्व के प्रति आस्था, विनय वात्सल्य, कृतज्ञता, विवेक विश्वास शामिल है। जहां इन सूत्रों का पालन नहीं होता है। वहां हमेशा झगड़े अशांति की स्थिति बनी रहती है, जिससे विकास और उन्नति बाधित रहती है। साध्वी मणिप्रभा ने कहा कि इंसान का जीवन अनमोल है। जीवन को सद्कार्यों में लगाना चाहिए। जीवन में ऐसे कार्य नहीं करने चाहिए, जिससे वह किसी की नजर में गिरकर उठ नहीं सके। इंसान को विवेक से कार्य करना चाहिए। विवेक से किया कार्य ही धर्म है। साधक का जीवन दूध के समान उज्जवल होता है। विवेकी व्यक्ति अपना जीवन धर्म कार्य में लगाते हैं। संत राजेश ने कहा कि जो सत्य की अराधना करते हैं, वे एक दिन भगवान के स्वरूप को प्राप्त करते हैं। भगवान महावीर ने सत्य को भगवान बताया है। इंसान कथनी करनी का भेद समाप्त कर कलयुग को भी सतयुग बना सकते हैं। इस मौके पर जैन संतों साध्वियों ने भजनों की प्रस्तुति भी दी।

आजसुबह 9 बजे प्रवचन : श्वेतांबरस्थानकवासी जैन संतों साध्वियों के रविवार सुबह 9 बजे महावीर भवन में प्रवचन होंगे।

अलवर. महावीर भवन में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते उपाध्याय प्रवर रविंद्र मुनि महाराज।