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डाककर्मियों की समस्याओं पर हुई चर्चा

7 वर्ष पहले
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हिंदी दिवस पर प्रतिभाओं का सम्मान

सृजकसंस्थान की ओर से रविवार को होटल इंद्रलोक क्लासिक में आयोजित समारोह के दौरान चार लोगों का उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान किया गया। सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा के लिए अपना घर वृद्धाश्रम के संतोष अरोड़ा, साहित्यिक क्षेत्र में मास्टर हरिनारायण सैनी, शैक्षिक क्षेत्र में शुची सरोज गुप्ता सांस्कृतिक क्षेत्र में रेणु नागर को सृजकश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। मास्टर सैनी को यह सम्मान मरणोपरांत सम्मान से नवाजा गया। समारोह में मुख्य अतिथि दिल्ली की सामाजिक कार्यकर्ता रमणिका गुप्ता ने कहा कि सभ्यता के युग में दृष्टिकोण बदल रहा है। पहले समाज के बंधन के बीच हर वर्ग का ख्याल रखा जाता था। समाज में महिलाओं सभी तरह के वर्गों का समानता का दर्जा हासिल था। बदलते युग में मनुष्य की सोच को बदल दिया है। इससे समाज के कई वर्ग हासिए पर गए हैं। इस सोच को बदलना होगा। अध्यक्षता डॉ. एससी मित्तल ने की। विशिष्ट अतिथि पवन खंडेलवाल हरीश मदान थे। कार्यक्रम में पदम श्री सूर्यदेव बारेठ, डॉ. जीवन सिंह मानवी, इंद्र कुमार तोलानी, उमर फारुख, हरिशंकर गोयल आदि मौजूद थे। अध्यक्ष डॉ. अंजना अनिल ने आभार व्यक्त किया। संचालन रामचरण राग खेमेंद्र चंद्रावत ने किया।

अलवर। बंधुआ मुक्ति मोर्चा की ओर से आयोजित विचार गोष्ठी में शािमल सदस्य।

अलवर। सृजक संस्थान की ओर से आयोजित समारोह में सृजक श्री सम्मान से सम्मानित होते अपनाघर आश्रम के संतोष अरोड़ा।

भास्कर न्यूज|अलवर

हिंदीदिवस पर रविवार को शहर में कई स्थानों पर कार्यक्रम हुए। इस दौरान कवि सम्मेलन, विचार गोष्ठी, व्याख्यान निबंध प्रतियोगिताएं हुईं। कार्यक्रमों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान किया गया। आस्था साहित्य संस्थान की ओर से मन्नी का बड़ स्थित आर्य समाज मंदिर के सभागार में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बलवीर सिंह करुण ने मेरे प्यारे पावन अलवर तूने मुझको क्या-क्या दिया कविता सुनाई। सुरेंद्र सार्थक ने इलाहाबाद न्यायालय में शिवशंकर से श्रीराम मिले रचना प्रस्तुत की। प्रवेन्द्र पंडित ने जीवन के पथ में जब ऐसे मित मिले गीत सुनाया। सम्मेलन में जितेंद्र गौरव, पुरुषोत्तम शर्मा, रघुवर दयाल जैन, गिरवर सिंह, राजेंद्र तिवाड़ी, शिवचरण शर्मा, डाॅ. कनक माथुर ने भी अपनी रचनाएं सुनाई। इस दौरान विनीत चौहान ने ह