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नीलगायों को ग्रामीण मारेंगे तो बाघ बघेरे क्या खाएंगे
अलवर. राजस्थानसरकार ने सरपंचों को नीलगाय की हत्या की अनुमति देने की घोषणा 27 जुलाई को विधानसभा में मंत्री राजेंद्र राठौड़ द्वारा की गई जो शर्मनाक निंदनीय है। पीपुल फाॅर एनीमल्स के प्रदेश प्रभारी बाबूलाल जाजू ने नीलगायों की हत्या की सरपंचों को इजाजत देने की घोषणा पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि नीलगायों की हत्या करवाकर सरकार हत्यारी नहीं बने। जाजू ने आगे कहा कि सरकार ने वोटों की राजनीति के चलते राज्य में लाखों बीघा चरागाह भूमि अन्य कार्यों के लिए आवंटित कर दी राज्य में जंगलों की कटाई से वन्य जीवों के आवास स्थल कम हो गए हैं, इसके कारण नीलगायों सहित अन्य वन्य जीवों को कस्बों गांवों खेतों की तरफ भोजन पानी की तलाश में रूख करना पड़ता है। सरकार वन्य जीवों के हमला करने पर मुआवजा देती है तो नीलगाय द्वारा किसान की फसल को नुकसान पहुंचाने पर उन्हें मुआवजा दे कि नीलगायों की हत्या करवाएं। जाजू ने बताया कि राज्य में रणथंभोर सहित सरिस्का में अन्य अभयारण्यों में बाघों पैंथरों के भोजन के लिए बड़े जानवरों में नीलगाय ही बची है। एक बाघ बघेरे को सप्ताह में एक बड़े जानवर की भोजन के लिए आवश्यकता होती है, ऐसे में नीलगायों की हत्या करवा दी गई तो उनके भोजन के भी लाले पड़ जायेंगे बाघ बघेरे भोजन की तलाश में शहर कस्बों की ओर रूख करेंगे जिससे मानव और वन्य जीवों में टकरार पैदा होगी जो वन्य जीवों के लिए बहुत बड़ा खतरा है।