डीएलबी ने फिर निरस्त किया ठेका
स्वायतशासन विभाग(डीएलबी) ने एक बार फिर से नगर परिषद के अनियमितता वाले ठेके को निरस्त करने के आदेश जारी किए है। इससे पहले विभाग 30 सितंबर 2014 को यह आदेश दे चुका है। मामला विज्ञापन ठेके में 20 लाख की अनियमितता से जुड़ा है। इसे दैनिक भास्कर ने उजागर किया था।
नगर परिषद ने 27 मार्च 2014 को एक कंपनी को शहर में विज्ञापन बोर्ड बिजली के खंभों पर विज्ञापन बोर्ड लगाने का ठेका दिया था। 50 लाख में दिए जाने वाले दो ठेकों को 30 लाख रुपए में दे दिया था। इस संबंध में दैनिक भास्कर ने 5 अप्रैल के अंक में खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद मामला डीएलबी के पास पहुंचा। विभाग ने निविदाओं में पारदर्शिता बरते जाने के अधिनियम की पालना नहीं किए जाने के कारण 30 सितंबर 2014 को ठेका निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद नगर परिषद की ओर से फिर से ठेके को फिर से अनुमोदन के लिए भेजा गया।
हाल ही डीएलबी से मिले निर्देश के बाद परिषद ने बजट निरस्त करने का आदेश जारी कर सूचना जारी कर दी। मामले में शहर से विज्ञापन राशि वसूल करने का ठेकेदार से शुल्क वसूला जाएगा। इसके लिए ठेकेदार को सूचना दे दी है।
नियमोंके तहत ही लिया था ठेका
विज्ञापनठेका कंपनी के नीरज जैन का कहना है परिषद के अधिकारियों की गलती के कारण उन्हें भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने ठेका नियमों के तहत ही लिया। उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया। इस मामले में उन्होंने न्यायालय की शरण ली है। परिषद का पत्र मिलने के बाद उन्होंने विज्ञापन शुल्क लेना बंद कर दिया है।