- Hindi News
- पार्षदों के सुझाव : भेदभावपूर्ण तरीके से कार्य नहीं करे नगर परिषद
पार्षदों के सुझाव : भेदभावपूर्ण तरीके से कार्य नहीं करे नगर परिषद
पार्षदों के सुझाव : भेदभावपूर्ण तरीके से कार्य नहीं करे नगर परिषद
^जनता की बातों काे नगर परिषद तक पहुंच सकते हैं। यहीं पार्षद की भागीदारी होती है। लेकिन बोर्ड किसी पार्टी का हो बिना भेदभाव के समान रूप से कार्य करना चाहिए। मिनी सचिवालय और सामुदायिक भवन के रुके कार्य को शुरू कराने की जरूरत है। वहीं बीपीएल सर्वे कराने में पार्षद की भूमिका नहीं होती। यह राज्य सरकार के स्तर का मामला है। -कमलेशसैनी पार्षद, वार्ड30
^साउथ वेस्ट ब्लाक में खाली प्लाट की समस्या है। इनकी कई बार नगर परिषद में शिकायत की गई। इन्हें नोटिस दिए जाएं, जिससे या तो इनमें निर्माण हो या फिर इनके भूखंड आवंटन पत्र रद्द किए जाएं। यह अलवर की कई कॉलोनियों की समस्या है। तो नगर परिषद कार्रवाई करती है और ही यूआईटी। -सीतारामचौधरी पार्षद, वार्ड25
^अरावली विहार पार्क कॉलोनीवासियों ने मॉडल के रूप में विकसित किया है। इसे पूरे शहर में अपनाना चाहिए। परिषद में पार्षद का कोटा फिक्स होना चाहिए, जिससे समय पर विकास कार्य कराए जा सकें। मैरिज होम से शुल्क वसूलने के बाद भी नगर परिषद सफाई नहीं कराती है। वहीं अलवर वाहिनी और बसों के लिए स्टैंड की व्यवस्था हो। -जीतकौर सागवान, वार्ड28
^नगरपरिषद में वित्तीय अधिकार और संसाधन सीमित हैं। आबादी के मुताबिक 1200 सफाई कर्मी होने चाहिए, लेकिन 300 कार्यरत हैं। स्थाई सिर्फ 90 हैं। अपने स्तर पर सफाई करने की जरूरत है। पांच साल में एक पार्षद को मात्र 13 लाइट मिली हैं। वार्ड में डोर टू डोर सफाई व्यवस्था हो। सौर ऊर्जा की मैंटिनेंस फ्री लाइट लगें और हर वार्ड में सामुदायिक केन्द्र का निर्माण हो। -रमनसैनी पार्षद, वार्ड26