- Hindi News
- फर्जी इकरारनामा तैयार करने के मामले में प्रसंज्ञान, दो आरोपी वारंट से तलब
फर्जी इकरारनामा तैयार करने के मामले में प्रसंज्ञान, दो आरोपी वारंट से तलब
बेटे ने दर्ज करवाई थी मां उसके सहयोगी के खिलाफ रिपोर्ट
नगरसंवाददाता | अलवर
अतिरिक्तसिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 गीता पाठक ने फर्जी इकरारनामा तैयार करने के पांच साल पुराने मामले में प्रसंज्ञान लेते हुए षड़यंत्र रचने के आरोप में एक महिला उसके सहयोगी को जमानती वारंट से तलब करने के आदेश दिए है। अदालत ने उक्त आदेश पुलिस जांच से असंतुष्ट महिला के पुत्र की शिकायत पर दिए।
अधिवक्ता श्योराम सिंह ने बताया कि साउथ बेस्ट निवासी जितेंद्र सिंह पुत्र हजारी सिंह ने 10 नवंबर 2012 को पुलिस थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि 22 दिसंबर 2009 को नयाबास का चौराहा स्थित देवेंद्र मेडिकोज के संचालक देवेंद्र प्रधान ने उसकी मां ब्रजेश कुमारी को बहला फुसला कर उसके मकान की खरीद का एक फर्जी इकरारनामा तैयार करवा लिया। कोतवाली पुलिस ने 28 जून 2013 काे जांच के बाद मामले को सिविल नेचर का मानते हुए अदालत में एफआर प्रस्तुत कर दी। एफआर लगाए जाने से असंतुष्ट जितेंद्र नेअदालत में याचिका पेश कर न्याय की गुहार लगाई। इस पर अदालत ने गवाहों के बयानों पत्रावली पर आए अन्य साक्ष्य के आधार पर कोतवाली पुलिस द्वारा पेश एफआर को खारिज करने के आदेश दिए। साथ ही षड़यंत्र रचकर जाली इकरारनामा तैयार करने के आरोप में देवेन्द्र प्रधान ब्रजेश कुमारी के खिलाफ प्रसंज्ञान लेते हुए दोनों को जमानती वारंट 500 रुपए से तलब करने के आदेश दिए।