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अलवर नागौर में भाजपा का बहुमत, प्रमुख कांग्रेस के बने

6 वर्ष पहले
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अलवर. भाजपा विधायक मतगणना स्थल पर चले गए तो कांग्रेिसयों ने हंगामा किया और इशारा करके उन्हें बाहर निकालने की मांग की

18 महिलाएं जीतीं

महिलाओंके लिए 16 सीटें रिजर्व थीं। पर 18 महिलाएं जिला प्रमुख बनीं। कांग्रेस की 10 भाजपा की आठ। वर्ष 2010 में 19 महिलाएं जिला प्रमुख बनी थीं।

5 जिला प्रमुख निर्विरोध निर्वाचित

अजमेर,झालावाड़, पाली राजसमंद में भाजपा और जैसलमेर में कांग्रेस प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित।

पॉलिटिकल रिपोर्टर | जयपुर

जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव शनिवार को संपन्न हुए। भाजपा के 21 और कांग्रेस के 12 जिला प्रमुख बने। नागौर अलवर में बहुमत के बावजूद भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। यहां पर भाजपा सदस्यों ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ मतदान किया। झुंझुनूं में बराबर-बराबर सीटें हासिल करने के बावजूद कांग्रेस ने निर्दलीय की मदद से प्रमुख की सीट अपने कब्जे में कर ली। प्रदेश में 295 पंचायत समितियों में से रात 12 बजे तक 291 के परिणाम घोषित किए गए। इनमें भाजपा 161 और कांग्रेस 115 प्रधान बनाने में कामयाब हुई। बसपा का भी एक प्रधान धौलपुर के सैंपऊ में चुना गया। निर्दलीय अन्य के 14 प्रधान बने। इनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से आगे निकल गईं। प्रदेश में 152 महिला और 119 पुरुष प्रधान चुने गए हैं। नागौर में जिला परिषद की 47 सीटों में भाजपा को 25 और कांग्रेस को 22 सीटें मिली थी। शेष| पेज 2

लेकिनकांग्रेस ने यहां भाजपा के वोटों में सेंध लगाई और अपना प्रमुख बनाने में कामयाब रही। भाजपा के तीन सदस्यों की क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस की सुनीता को 26 वोट मिले।

इसी तरह अलवर में कांग्रेस की रेखा यादव जिला प्रमुख चुनी गई। यहां 49 में से भाजपा को 30, कांग्रेस को 18 एक निर्दलीय सदस्य चुना गया था। भाजपा की जीत तय थी, लेकिन भाजपा सदस्यों की क्रॉस वोटिंग के चलते रेखा 25 वोट लेकर प्रमुख बन गई।

पूर्वविधायक प्रतिभा सिंह हारीं

नवलगढ़में पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह ने निर्दलीय रूप में चुनाव जीतकर भाजपा की सदस्यता ली और प्रधान के लिए नामांकन भरा, लेकिन वे एक वोट से हार गईं। उधर, पिलानी से विधायक सुंदरलाल के बेटे कैलाश मेघवाल चिड़ावा पंचायत समिति के प्रधान बन गए।



वे निर्दलीय चुनाव लड़े थे। भाजपा ने उनके खिलाफ प्रधान का उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा।



प्रतापगढ़.परिवारवाद को लेकर विवादों में रह चुके जनजाति मंत्री नंदलाल मीणा की बहू सारिका मीणा जिला प्रमुख चुनी गईं। उन्होंने कांग्रेस के दावेदार को नौ वोट से शिकस्त दी।

सब्जी बेचने वाली युवती निर्विरोध बनी प्रधान

भीलवाड़ाकी मांडल पंस. में 25 साल की आशा बैरवा निर्विरोध प्रधान बनी हैं। वे बीएड कर रही हैं और कॉलेज से लौटने के बाद मां के साथ सब्जी बेचती हैं। उधर, इसी जिले की हुरड़ा पंचायत समिति में 21 साल की घीसी प्रधान बनी हैं। वे बीए की छात्रा हैं।

बोल्ड नजर आया प्रशासन

लंबेसमय बाद महसूस हुआ कि प्रशासन ने सख्ती की। एक वोट की हार को भाजपा के कुछ नेताओं ने विवाद बनाने का प्रयास किया, यहां तक की प्रत्याशी ने दुबारा मतदान तक की मांग कर दी। एक वोट को गलत साबित करते हुए रद्द करने का दवाब बनाया पर कलेक्टर महावीर स्वामी अपने निर्णय पर अडिग रहे।

रेखा यादव, कांग्रेस, अलवर

कांग्रेस के पास थे 19

मिलेकितने 24

सवाल>जबभाजपा के आठ टूटे तो वोट 6 ही क्यों बढ़ें।

सच>कांग्रेसके भी दो टूटकर भाजपा में चले गए

शक>जिलाप्रमुख के दावेदारों पर।

भाजपा के पास थे 29

मतमिले 24

सवाल> कहांगए पांच वोट

सच>पांचनहीं, आठ वोट कांग्रेस में गए।

शकके घेरे में >पार्टीके ही तीन विधायक।

वर्ष भाजपा जीती कांग्रेस जीती

2015 21 12

2010 8 24

2005 13 16