छह दिवसीय गुरुमुख सम्मेलन कल से
42वेंआनंद कारज के लिए बुधवार से गुरुमुख सम्मेलन स्थल पर विवाह योग्य युवक-युवतियों का रजिस्ट्रेशन कार्य प्रारंभ होगा, जो 16 फरवरी तक चलेगा। रजिस्ट्रेशन के लिए आयु प्रमाणपत्र की फोटो हलफनामा देना होगा। हलफनामा वर-वधू के माता-पिता की ओर से दिया जाएगा, जिसमें शादी की सहमति, बिना दान दहेज बिना दबाव के अपने पुत्र या पुत्री की शादी करने की बात होगी।
भास्कर न्यूज |अलवर
छहदिवसीय 91वां गुरुमुख सम्मेलन 12 फरवरी से प्रारंभ होगा। इस दौरान खंडेलवाल धर्मशाला के पास स्थित गुरुद्वारा सुखधाम मनुमार्ग स्थित गुरुद्वारे में विभिन्न कार्यक्रम होंगे। गुरुमुख सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
प्रवक्ता महेंद्र तनेजा ने बताया कि 12 फरवरी को सुबह 5 बजे गुरुद्वारा सुखधाम में नितनेम के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके बाद सुखमनी साहिब के पाठ होंगे। सुबह 7 से 8 बजे तक आसा की वार सुबह 8 बजे शबद कीर्तन होगा। भाई जितेंद्र मदान भाई बसंत गांधी शबद कीर्तन कर संगत को निहाल करेंगे। इसके बाद संतरेन डॉ. हरभजन शाह सिंघ महाराज के प्रवचन होंगे। वे बारह माहा की कथा पर प्रकाश डालेंगे। 13 फरवरी को सुबह प्रतापबंध स्थित समाधि साहिब पर कार्यक्रम होगा। संतरेन डॉ. हरभजन शाह सिंघ महाराज गुरुमुख सम्मेलन की सफलता के लिए पूर्वजों से आशीर्वाद लेंगे। समाधि साहब पर शबद कीर्तन होगा, इसके बाद अरदास होगी। 14 फरवरी को मनुमार्ग स्थित गुरुद्वारा में अखंड पाठ की लड़ी का समापन होगा। 28 जनवरी को अखंड पाठ की लड़ी प्रारंभ हुई थी। सुबह 10.30 बजे संतों का भंडारा होगा, जिसमें देशभर के संत भाग लेंगे। इस दिन से 17 फरवरी तक अटूट लंगर चलेगा। 15 फरवरी को मनुमार्ग स्थित गुरुद्वारे में तड़के 3 बजे नितनेम, सुखमनी साहिब के पाठ निशान पूजा होगी। सुबह 5 बजे गुरुद्वारा सुखधाम में आसा की वार सुबह 8.30 बजे तीन दिवसीय अखंड पाठ प्रारंभ होगा। इसके बाद नगर कीर्तन प्रारंभ होगा, जो होपसर्कस, घंटाघर, पंसारी बाजार, चर्चरोड होकर मनुमार्ग स्थित गुरुद्वारा पहुंचेगा। नगर कीर्तन में संतरेन डॉ. हरभजन शाह सिंघ महाराज भी शामिल होंगे। इधर मनुमार्ग स्थित गुरुद्वारा में तीन दिवसीय अखंड शबद कीर्तन प्रारंभ होगा, जिसमें देश के नामी रागी जत्थे शबद कीर्तन से संगत को निहाल करेंगे। 16 17 फरवरी को संतरेन डॉ. हरभजन शाह सिंघ महाराज के प्रवचन होंगे। गुरुमुख सम्मेलन के आखिरी दिन 17 फरवरी को संतरेन डॉ. हरभजन शाह सिंघ महाराज के प्रवचन के बाद उनके सानिध्य में आनंद कारज (सामूहिक विवाह) होगा। इसके साथ ही गुरुमुख सम्मेलन संपन्न होगा। 17 फरवरी को गुरुद्वारा सुखधाम में अखंड पाठ का भोग पड़ेगा।