शबद कीर्तन से गुरुमुख सम्मेलन शुरू
ये तैयारी हुई पूर्ण : गुरुमुखसम्मेलन स्थल मनुमार्ग स्थित गुरुद्वारा में 15 फरवरी से आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। 15 से 17 फरवरी तक होने वाले अखंड शबद कीर्तन, प्रवचन 17 फरवरी को होने वाले आनंद कारज में आने वाली संगत के लिए पांडाल बनकर तैयार हो गया। कार्यक्रमों में आने वाली संगतों के लिए वाहन पार्किंग स्टैंड, संत सुखदेव शाह अस्पताल के पीछे भट्टी निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। जोड़ा घर और स्वागत कक्ष पहले से ही शुरू हो गए हैं।
सेवामें उम्र भी आड़े नहीं : तनऔर मन से ही नहीं धन से भी निष्काम भाव से संगत और सेवादार मनुमार्ग स्थित गुरुद्वारा में सेवा में जुटे हैं। इनमें पांच साल की अायु से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। गुरुमुख सम्मेलन के वृहत आयोजन को सफल बनाने के लिए सेवादारों की ड्यूटी बंटी हुई है। जो जिस कार्य में निपूर्ण होता है, उसे उसी प्रकार की डयूटी लगाई गई है। जिस समय सेवादार की डयूटी होती है, वे उस समय बताए गए कार्य के लिए तैयार रहते हैं। कोई कपड़े सील रहा है, तो कोई जोड़े घर पर सेवा दे रहा है, कोई वाहन स्टैंड पर तो कोई प्रतिदिन आयोजित होने वाले लंगर के लिए कार्य करता दिखाई दे रहा तो काेई स्वागत कक्ष पर आने वाली संगत का मार्ग दर्शन कर रहा है।
16 तक होगा रजिस्ट्रेशन
91वें गुरुमुख सम्मेलन के अंतिम दिन होने वाले 42 वें आनंद कारज (सामूहिक विवाह सम्मेलन) के लिए 16 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन होगा। रजिस्ट्रेशन कार्य के इंजार्च दिल्ली हाईकोर्ट के वकील जीवतराम पिरयानी ने बताया कोई भी हिंदू विवाह कर सकता है। आनंद कारज में विवाह करने वाले जोड़ों को गुरुद्वारा की ओर से प्रमाण भी दिया जाएगा। जिसके आधार पर नगर परिषद, नगर पालिका और नगर निगम से विवाह पंजीयन करा सकते हैं।
समाधिसाहिब पर कार्यक्रम आज
गुरुमुखसम्मेलन के तहत शुक्रवार को प्रतापबंध स्थित समाधि साहिब पर कार्यक्रम होगा। सुबह 8.30 बजे कीर्तन होगा और इसके बाद अरदास होगी। संतरेन डॉ. हरभजन शाह सिंघ महाराज गुरुमुख सम्मेलन की सफलता के लिए पूर्वजों से आशीर्वाद लेंगे।
नगर संवाददाता | अलवर
संतरेनडॉ. हरभजन शाह सिंघ महाराज ने कहा कि महापुरुषों के उपदेश सुनने और अनुसरण करने से इंसान का जीवन सफल हो जाता है। वे गुरुवार सुबह खंडेलवाल धर्मशाला के पास स्थित गुरुद्वारा सुखधाम में गुरुमुख सम्मेलन के पहले दिन प्रवचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गुरु ही इंसान को प्रभु से मिलन का मार्ग प्रशस्त करता है। गुरु की कृपा होने पर इंसान परमात्मा से प्रेम करने लगता है और आनंद (परम सुख और परम शांति) की प्राप्त होती है। उन्होंने बारह माह की कथा सुनाते हुए कहा कि पहले महीने के पहले दिन से ही बारह माहा तक महापुरुषों की वाणी (उपदेश) सुनने से जीवन जीने की सही राह मिलती है। प्रभु मिलन सहज और सरल हो जाता है। इससे पहले सजे कीर्तन दरबार में भाई जितेंद्र मदान ने अगम अगोचर अलख अपारा चिंता करो हमारी, जल थल मेयल भरपूर लीना घट घट जोत तुम्हारी...., भाई बसंत गांधी ने जल जाऊ जीवन नाम बिना, हर जप जाप जपऊ जपमाली गुरुमुख आवै साद मना... कीर्तन कर संगत को निहाल किया। भाई गुरप्रीत ने आसा की वार का कीर्तन किया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह नितनेम के साथ हुई। इसके बाद सुखमनी साहिब और चौपाई साहिब का पाठ हुआ।
रोशनहुए गुरुद्वारे
शामहोते ही खंडेलवाल धर्मशाला के पास स्थित गुरुद्वारा सुखधाम और मनुमार्ग स्थित गुरुद्वारा रोशन हो जाते हैं। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते गुरुद्वारे लोगों का अपनी ओर ध्यान आकर्षित करते हैं।
अलवर. गुरुद्वारा सुखधाम में प्रवचन देते संतरेन डॉ. हरभजन शाह सिंघ महाराज।