अलवर। शहर के शिवाजी पार्क हाउसिंग बोर्ड में दूषित पेयजल की सूचना पर शनिवार को पहुंची मेडिकल टीम ने पानी के नमूने लिए और डोर टू डोर रोगियों का सर्वे किया। टीम ने 36 मरीजों की जांचकर दवाएं दी। जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. जालम सिंह राठौड़ के नेतृत्व में मेडिकल टीम शिवाजी पार्क हाउसिंग बोर्ड के 6 क्षेत्र में पहुंची, जहां कई दिनों से दूषित पेयजल आपूर्ति से बीमारी फैलने की सूचना मिली थी।
चिकित्सा दल ने कॉलोनी में सर्वे में मिले बुखार के नौ, पेट दर्द के 12, उल्टी दस्त के 11 और पीलिया के चार रोगियों की जांच कर दवाएं दी। दल ने यहां 11 घरों से दूषित पानी के नमूने लिए, जिनकी जांच कराई जाएगी। इसदौरान डिप्टी सीएमएचओ हेल्थ छबील कुमार भी मौजूद थे।
नलों में बूस्टर लगाने से बढ़ी समस्या : जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. राठौड़ बताते हैँ कि शिवाजी पार्क हाउसिंग बोर्ड में नलों में बूस्टर लगाने से दूषित पानी रहा है। क्योंकि सीवर लाइन और पेयजल लाइन एक साथ हैँ। कॉलोनी की सीवर लाइन चॉक हो गई हैं। बूस्टर से नेगेटिव प्रेशर बनने से लीकेज से दूषित पानी रहा है।
जलदायविभाग ने माना मिल रहा दूषित पानी : दूषित पानी सप्लाई होने की शिकायत पर जलदाय विभाग के एसई वाईके शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सीवर लाइन चौक होने पर यह गंदा पानी कई बाद जलदाय विभाग की सप्लाई लाइन तक भी पहुंच जाता है। इससे क्षेत्र में गंदा बदबूदार पानी आने की समस्या आती है। जलदाय विभाग की लाइनों में गंदा पानी किस स्थान से मिल रहा है, इसके लिए लाइनों की जांच की जा रही है। हालांकि यूआईटी ने सीवर लाइन को साफ कराया है, इससे भी समस्या का समाधान होगा।
अलवर. जलदाय विभाग के एसई को दूषित पानी की समस्या से परेशान महिलाओं ने सुनाई खरी खोटी।