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एकीकरण को लेकर सरकार ने जारी की गाइडलाइन
18 सितंबर को प्रकाशित समाचार।
क्या है नई गाइडलाइन में
>आरटीई के मापदंडों के अनुसार 1 किलोमीटर दूरी में प्राथमिक स्कूल और 2 किलोमीटर दूरी में उच्च प्राथमिक स्कूलों को होना आवश्यक है। यदि उक्त प्रावधान के विपरीत कोई स्कूल मर्ज किया गया है तो उसे दुबारा यथावत संचालित किया जा सकता है।
> आदर्श स्कूल और समन्वित स्कूल एक ही राजस्व गांव में होने आवश्यक है, सिर्फ शून्य नामांकन वाले स्कूलों को ही दूसरे राजस्व गांव में मिलाया जा सकता है। यदि किसी स्कूल को अन्य राजस्व गांव में एकीकरण किया गया है तो बदला जा सकता है।
> कई स्कूलों में उमावि मावि में एक से ज्यादा स्कूलों को एकीकृत करते हुए आदर्श स्कूल बनाए गए हैं। यदि उमावि और मावि में एक ही स्कूल के मर्ज करने से आदर्श उमावि या मावि की कक्षाएं बन जाती हैं तो अन्य स्कूलों को विद्यार्थियों की पर्याप्त संख्या के आधार पर यथावत रखा जा सकता है।
> यदि किसी गर्ल्स उप्रावि को सामान्य मावि या उमावि या उप्रावि में मर्ज किया है तो 6 से 8 की पर्याप्त संख्या होने पर स्थानीय मांग को देखते हुए उन स्कूलों को यथावत रखा जा सकता है।
> भामाशाहों द्वारा निर्मित स्कूल जो मर्ज कर दिए गए हैं, यदि आधारभूत सुविधाएं हैं और समय-समय पर सहयोग किया जा रहा है तो स्थानीय मांग और विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए यथावत रखा जा सकता है।
भास्कर न्यूज | अलवर
स्कूलोंके एकीकरण मामले में विधानसभा में किरकिरी होने और भारी विरोध के बाद सरकार ने एकीकरण को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। नई गाइडलाइन में आरटीई के तहत स्कूल की दूरी और नामांकन सहित कई बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट की गई है। अब सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार ही परिवेदनाओं का निपटारा होगा।
शिक्षा विभाग ने प्रदेश के तमाम कलेक्टर्स और जिला शिक्षा अधिकारियों को इसी गाइडलाइन के अनुसार परिवेदनाओं के निपटारे के लिए कहा है। सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी हुई इस गाइडलाइन के बाद एकीकरण के तहत मर्ज किए गए स्कूलों की सूची गड़बड़ा सकती है। दरअसल विभाग ने कई ऐसे स्कूल मर्ज कर दिए जो दूरी के दायरे का उल्लंघन कर रहे हैं। इस गाइडलाइन के बाद अब परिवेदनाओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
विद्यार्थियोंकी संख्या को लेकर मापदंड
प्राथमिकस्कूल(1 से 5)
सामान्य स्कूल 60
अनु.