- Hindi News
- संयुक्त निदेशक ने फोटो खींची और बोले अगली बार व्यवस्था सुधर जानी चाहिए
संयुक्त निदेशक ने फोटो खींची और बोले अगली बार व्यवस्था सुधर जानी चाहिए
संयुक्त निदेशक को ज्ञापन
अलवर लोकसभा युवा कांग्रेस ने सामान्य चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय गीतानंद शिशु चिकित्सालय की व्यवस्था सुधारने एनएसयूआई ने नीम हकीमों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुवार को सामान्य अस्पताल में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक को ज्ञापन दिया। युवा कांग्रेस के दीनबंधु शर्मा ने बताया कि सामान्य चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय शिशु चिकित्सालय में रोगियों के अनुपात में सुविधा नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन अस्पतालों में डॉक्टरों, निशुल्क दवा और पलंग का अभाव है। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राकेश चौधरी ने बताया कि जिले में बिना डिग्री के डॉक्टर (नीम हकीम) उपचार कर रोगियों के स्वास्थ्य के खिलवाड़ कर रहे हैं।
दूसरी जगहों के अच्छे उदाहरण बताते शर्मा।
अव्यवस्थाओं को देख स्वयं संयुक्त निदेशक ने ही फोटो खींची।
भास्कर न्यूज | अलवर
चिकित्साएवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक केके शर्मा ने गुरुवार को सामान्य चिकित्सालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पीएमओ भगवान सहाय को व्यवस्था सुधारने , काम नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और विकास के लिए प्लान बनाकर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्व में निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए दिए गए निर्देशों की पालना नहीं होने पर नाराजगी जताई। दोपहर 12.30 बजे के करीब संयुक्त सामान्य चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने इमरजेंसी भवन, सिटी स्केन कक्ष, लाइफ लाइन मेडिकल स्टोर, आर्थोपेडिक वार्ड, फिमेल सर्जिकल वार्ड, मेल मेडिकल वार्ड ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक को दीवार गंदी मिलने, जाले लगे मिलने, कबूतर बैठे मिलने, बिजली के तार लटके मिलने, वार्डों में टायलेट गंदे मिलने, कूड़ादान खुले मिलने, वार्ड में फटे गद्दे मिलने, पर्दे नहीं होने, कर्मचारियों द्वारा आई कार्ड नहीं लगाए मिलने, अस्पताल में रोगियों के वाहन इधर उधर खड़े होने, जगह जगह कचरे के ढेर मिलने रोगियों की सहायता के लिए जानकारी देने वाले सूचना पट्ट नहीं पर नाराजगी जताई।
रंगरोगन के काम की ऑडिट होगी : संयुक्तनिदेशक केके शर्मा ने कहा कि डेढ़ साल पहले जून 2013 में रंग रोगन के लिए सरकार ने 90 लाख रुपए भेजे थे, पर स्थिति देखकर लगता है कि पूरे पैसे का उपयोग नहीं किया गया