मेडिकल कॉलेज बंद करने की आलोचना
पूर्वकेंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज राज्य सरकार को सौंपने की निंदा की है।
सिंह का कहना है कि 2009 में उन्होंने तत्कालीन श्रम मंत्री ऑस्कर फर्नांडीस से मिलकर अलवर में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज खुलवाया था। यह कॉलेज अब लगभग बनकर तैयार हो गया है। इसके अलावा तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी दूसरा मेडिकल कॉलेज अलवर में खोलने की घोषणा की थी। इस मेडिकल कॉलेज के लिए घेघोली में जमीन भी स्वीकृत कर दी थी। इसके तुरंत बाद उनके प्रयास से तीसरा मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने की थी। केंद्र सरकार ने इसके लिए 189 करोड़ रुपए का बजट भी स्वीकृत किया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार पहले से स्वीकृत मेडिकल कॉलेजों को ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में समायोजित कर अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। सिंह का कहना है कि वर्तमान में प्रदेश के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में तो पर्याप्त डॉक्टर हैं और ना ही सुविधाएं। ऐसे में 500 बैड के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल को सरकार कैसे चलाएगी। उनकी मांग है कि सरकार पूर्व में स्वीकृत दो और मेडिकल कॉलेज तैयार कराए, जिससे लोगों को सुविधाएं मिल सकें।