अलवर. लंबे समय से तबादलों के लिए इंतजार कर रहे हजारों तृतीय श्रेणी शिक्षकों का इंतजार खत्म हो सकता है। जल्दी ही सरकार थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले आंध्रप्रदेश की तर्ज पर करने की तैयारी में है। सरकार ने इस दिशा में कवायद तेज कर दी है।
हाल ही में शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव पवन कुमार गोयल ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांनतरण करने के संबंध में आंध्रप्रदेश राज्य की तर्ज पर स्थानांनतरण नीति का ड्राफ्ट बनाकर प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
प्रमुख शासन सचिव ने यह भी कहा कि यदि इस स्थानांनतरण नीति को लागू करने के लिए पंचायतीराज अधिनियम या नियमों में बदलाव या संशोधन की जरूरत है तो वो भी बताएं। प्रदेश में यदि आंध्रप्रदेश की तर्ज पर तबादले होते हैं तो पूरा सिस्टम ऑनलाइन हो जाएगा और पारदर्शिता बढ़ जाएगी।
तबादलों के लिए ड्राफ्ट अभी बनाएंगे। आगे का काम सरकार का है। ड्राफ्ट बनाने के आदेश मिले हैं। -बाबूलाल मीणा, निदेशकप्रारंभिक शिक्षा
आंध्रप्रदेश में अभी यह सिस्टम
फिलहाल आंध्रप्रदेश में तबादलों को लेकर पूरा सिस्टम ऑनलाइन है। आंध्रप्रदेश सरकार की शिक्षा विभाग की वेबसाइट के जरिए तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है और अपनी पसंद की जगह का चुनाव भी ऑनलाइन ही किया जाता है।
इस वेबसाइट पर स्कूल, रिक्त पद सहित तमाम जानकारी अपडेट रहती हैं। तबादला के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद एक यूनिक नंबर जनरेट हो जाता है। इस वेबसाइट के माध्यम से बिना किसी की सिफारिश के स्थान खाली होने की स्थिति में आसानी से तबादला हो जाएगा।
इस दौरान सभी शिक्षकों का वरीयता क्रमांक भी ऑनलाइन शैड्यूल में मौजूद रहता है। खास बात यह भी है कि एक बार तबादला कराने के बाद शिक्षक को मिलने वाला यूनिक नंबर दो साल के लिए एक्टिवेट नहीं होगा। अगली बार उस नंबर का प्रयोग दो साल बाद ही किया जा सकेगा।
यदि तबादला म्यूचल होता है तो दुबारा आवेदन करने के लिए 4 से 5 साल तक का इंतजार करना होगा। इस पूरे सिस्टम में किसी नेता या अफसर की सिफारिश की कोई जगह नहीं है।
तो खत्म हो जाएगा पॉलिटिकल इंटरफेयर
आंध्रप्रदेश राज्य की तर्ज पर तबादला नीति बनने और तबादला होने के बाद प्रदेश में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के संबंध में राजनीतिक दखल समाप्त हो जाएगा।