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नगर परिषद खुद जांचेगी निर्माण कार्य की गुणवत्ता

5 वर्ष पहले
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अलवर। नगरपरिषद की ओर से कराए जाने वाले निर्माण कार्य सामग्री की जांच अब नगर परिषद की खुद की लैब में हो सकेगी। इसके लिए प्रयोगशाला बनाई जा रही है। अब तक परिषद यह जांच पीडब्ल्यूडी, यूआईटी या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में कराती थी।

प्रयोगशाला शुरू होने से इससे आमजन की शिकायतें पर निर्माण सामग्री के मानकों की जांच तुरंत हो सकेगी। कई जगह ठेकेदारों के खिलाफ लोगों ने सड़क या अन्य निर्माण कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की। लोगों ने काम भी रुकवाया। ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई नहीं होने से निर्माण ठेकेदार अधिकारी बच जाते थे। नगर परिषद में प्रयोगशाला नहीं होने से गुणवत्ता की जांच के लिए दूसरे विभागों अन्य संस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ता था। इस दौरान कई दिक्कतें आती थी। जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिलती थी। अब परिषद अपने निर्माण कार्यों की जांच खुद करेगी। ठेकेदारों के काम का तुरंत फैसला होगा और निर्णय भी किए जाएंगे।

कितनी आई लागत

नगर परिषद की ओर से निर्माण कार्यों की जांच के लिए प्रयोगशाला स्थापित कराने के लिए 1.32 लाख रुपए का राशि से मशीनें मंगवाई गई हैं। ये मशीनें कुछ दिन पहले ही आई हैं। परिषद की ओर से प्रयोगशाला बनाने के लिए पुराने सूचना केंद्र में मशीनें स्थापित की जाएंगी।

पहले थी सीमेंट, रोडी-बजरी के मसाले की जांच मशीन

नगर परिषद ने वर्ष 2013 में 18 हजार रुपए की लागत की निर्माण मसाले के मानकों की जांच करने की मशीन खरीदी थी। इससे सभी प्रकार की जांच नहीं हो पाती थी। इसीलिए अब प्रयोगशाला के लिए आवश्यक सभी उपकरण खरीदे गए हैं। पहले खरीदी गई मशीन से केवल निर्माण के काम में आने वाले सीमेंट, बजरी रोडी के मसालों की जांच होती थी।

15 दिन में शुरू हो जाएगी लैब

निर्माण सामग्री की जांच के लिए 15 दिन में प्रयोगशाला बना दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक उपकरण चुके हैं। प्रयोगशाला पुराने सूचना केंद्र में बनाई जा रही है। इसके बाद लोगों की शिकायतें मिलने और निर्माण कार्यों की समय-समय पर सैंपलिंग के आधार पर जांच हो सकेगी। -विनयनगायच, एक्सईएन, निर्माण शाखा, नगर परिषद, अलवर।


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