अलवर। छात्रहित और स्कूल के विभिन्न कार्य करने के लिए सरकारी स्कूलों के संस्था प्रधान अब छात्र कोष की राशि से कंप्यूटर या टैबलेट खरीद सकेंगे। इसके लिए डायरेक्टर ने संस्था प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि स्कूल की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने के लिए वे अपने स्तर कंप्यूटर खरीदें।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सैटअप कार्य, बोर्ड परीक्षार्थियों के ऑनलाइन फार्म भरना जैसे विभिन्न कार्यों के लिए स्कूल में कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होती है। स्कूल में कंप्यूटर की सुविधा होने के कारण यह काम मित्र या साइबर कैफे से कराने पड़ते हैं। इस कारण उन्हें दुगुने रुपए भी अदा करने पड़ते हैं। साथ ही गोपनीयता भंग होने की आशंका भी रहती है।
निदेशक ने सभी शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्कूल स्तर पर कंप्यूटरों की व्यवस्था करें और सभी आवश्यक काम स्कूल में ही करें। इसके लिए प्रिंसिपल या हेडमास्टर आवश्यकता अनुसार स्कूल छात्र विकास कोष की राशि से इस्तेमाल कर सकेंगे। छात्र कोष की राशि से जो भी वस्तु खरीदी जाएगी वह पूरी तरह से स्कूल की संपत्ति होगी। मगर छात्र कोष की राशि का इस्तेमाल करने से पहले संस्था प्रधानों को एसडीएमसी की बैठक में प्रस्ताव बनाकर इसकी स्वीकृति लेनी होगी।