बीएड के लिए छह माह पढ़ाना होगा
बीएडकी डिग्री लेने के लिए विद्यार्थी को अब थोड़ा और पसीना बहाना होगा। अब तक प्रशिक्षाणार्थी कुछ दिन स्कूलों में जाकर लेसन देते और काम हो जाता था। अब ऐसा नहीं चलेगा। स्कूल में पूरे दिन रुकना होगा। यह काम भी कुछ दिन ही नहीं, बल्कि छह महीने तक करना होगा।
बीएड के प्रति क्रेज बढ़ने के साथ ही सरकार इसकी प्रक्रिया को कठिन बनाती जा रही है। पहले एक साल में बीएड हो जाती थी। अब दो साल कर दिए हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने नया नियम बीएड पाठ्यक्रम में इंटर्नशिप व्यवस्था लागू करने का बनाया है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को छह महीने तक सरकारी स्कूलों में ड्यूटी देनी होगी। वो भी प्रथम से अंतिम कालांश तक स्कूल में रुकना होगा। लेसन देने के साथ प्रार्थना सभा से लेकर बालसभा सहित सभी शैक्षिक सहशैक्षिक गतिविधियों से रूबरू होना होगा। अभी तक बीएड प्रशिक्षणार्थियों को केवल 40 दिन स्कूलों में जाकर लेसन देना होता है। वो भी प्रतिदिन केवल चार कालांश तक ही रुकने का प्रावधान था। परिषद की नई गाइडलाइन के साथ गजट नोटिफिकेशन जारी हो गया है। इसमें बीएड प्रशिक्षणार्थियों के साथ-साथ इन्हें पढ़ाने वाले व्याख्याता एवं शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को सिस्टम से चलने की हिदायत दी गई है।