वसंत पंचमी कल, शादियों की रहेगी धूम
>पूजन कामुहूर्त : सुबह11.48 बजे से दोपहर 12.20 बजे तक पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त है।
>सर्वार्थ सिद्धियोग : पं.यज्ञदत्त शर्मा के अनुसार बसंत पंचमी को सुबह 9 बजकर 7 मिनट से लेकर अगले दिन सुबह 7.13 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग विद्यमान रहेगा।
बाजारों में भी रौनक
12फरवरी को वसंत पंचमी का अबूझ सावा होने के कारण शादी समारोह की धूम रहेगी। वसंत पंचमी का अबूझ सावा होने के कारण इन दिनों बाजारों में रौनक है। सुबह से लेकर शाम तक बाजारों में भीड़ रहती है। दुकानों शोरूमों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा सकती है। बैंड वाले भी तैयारी में जुटे हैं। वे भी नई फिल्मी गानों पर बैंड बजाने की गाने की प्रेक्टिस कर रहे हैं। घोड़ी वालों ने भी घोड़ी के नए कपड़े बनवाए हैं। रात में जाने वाली बारात के लिए भी नई स्टाइल की लाइट आई हैं।
धार्मिक आयोजन होंगे
गायत्रीपरिवार ट्रस्ट की ओर से अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम आचार्य के जन्म दिवस वसंत पंचमी के उपलक्ष्य में 11 12 फरवरी को धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। गायत्री परिवार के जिला संयोजक चरण सिंह ने बताया कि 11 फरवरी को सुबह 6 से शाम 6 बजे गायत्री मंदिर में गायत्री मंत्र का जाप शाम 6.30 बजे जवाहर नगर के पास स्थित शक्तिधाम मंदिर में 108 दीपकों से दीपदान होगा। 12 फरवरी को सुबह 7 बजे गायत्री मंदिर मंदिर में अभिषेक, सुबह 9 बजे हवन सुबह 9.30 बजे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बबेली में 5 कुंडीय हवन होगा। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम मुरारीलाल शर्मा गायत्री परिवार की टोली द्वारा कराया जाएगा।
भास्कर संवाददाता |अलवर
जिलेभरमें 12 फरवरी को वसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस दिन अबूझ सावा होने के साथ सर्वार्थ सिद्धि अमृत योग भी है। जिससे इस पर्व महत्व और बढ़ गया है। इस दिन जिनकी शादी है। उनका दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। साथ ही संतान सुख भी श्रेष्ठतम रहेगा। पं. यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि वसंत पंचमी को सरस्वती पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु सरस्वती का विधिवत रूप से पूजन किया जाना चाहिए। भगवान को प्रसन्न करने के लिए पूजा में विशेष रूप से पीले फूल काम लेने चाहिए। भगवान को पीले मीठे चावल पीले मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस दिन जिनकी शादी है, वे मां सरस्वती को सफेद फूल अर्पित करें। उनका वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा।