मोबाइल एप से चिकित्सा विभाग कर्मचारियों की मॉनिटरिंग करेगा
सरकारने ग्रामीण क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों पर कार्यरत कर्मचारियों पर अब नकेल कसने की तैयारी कर ली है। अब गांव में सर्वे के लिए लगाई एएनएम घर बैठकर फर्जी रिपोर्ट नहीं भेज सकेंगी। डॉक्टर कर्मचारी पीएचसी सब सेंटर पर ताला लगाकर उपस्थिति दर्ज नहीं करा सकेंगे। डाॅक्टर और कर्मचारियों को जिला मुख्यालय से सब सेंटर तक ड्यूटी पर उपस्थिति देनी ही होगी। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग मोबाइल एप्स के जरिए कर्मचारियों की मॉनिटरिंग करेगा। यह एप्स जिला मुख्यालय पर कार्यरत सीएमएचओ, डिप्टी सीएमएचओ, आरसीएचओ, डीपीएम के मोबाइल में होगा। एप को लॉग इन करते ही अधिकारी जिस संस्थान के कर्मचारी की जानकारी चाहेंगे, उसका समय के साथ लोकेशन का पता चल सकेगा। अगर यह एप कारगर रहा तो ग्रामीण क्षेत्र से टीकाकरण और सर्वे की ग्राउंड रिपोर्ट में सुधार हो सकेगा। वहीं संस्थान में डॉक्टर और नर्सिंगकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी। शेषपेज |16
आरसीएचओडॉ. ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि मॉनिटरिंग एप्स की लॉन्चिंग सोमवार को जयपुर में होगी। इस प्रशिक्षण सम्मेलन में पूरे प्रदेश से जिलास्तरीय अधिकारियों को बुलाया गया है। वहां एप्स के संबंध में पूरी जानकारी दी जाएगी।
जिन अधिकारियों को निरीक्षण की जिम्मेदारी दी है। अब वह अपने कर्मचारी को भेजकर निरीक्षण में खानापूर्ति नहीं कर सकेंगे। मोबाइल एप्लीकेशन पर फोटो अपलोड होते ही वह समय और स्थान दोनों ही बता देगी। एप्लीकेशन की एक लॉग इन आईडी होगी, जो अधिकारियों को दी जाएगी। आईडी पासवर्ड डालने के बाद ही एप्लीकेशन काम करेगी।