कॉमर्स के विद्यार्थियों को रीट परीक्षा से बाहर करने की मांग
रीटमें शामिल विज्ञान कला वर्ग के अभ्यर्थियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर रीट -2015 की परीक्षा में शामिल कॉमर्स से बीएड करने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती से बाहर किए जाने की मांग की है। ज्ञापन में लिखा है कि रीट के पेपर में केवल साइंस सोशल साइंस दो विषय थे।
कॉमर्स का कोई पेपर नहीं है। ऐसे में साइंस सोशल साइंस से बीएड करने वाले छात्रों के अलावा कॉमर्स से बीएड करने वालों को रीट में क्यों जगह दी गई है? इससे कला विज्ञान वर्ग के छात्रों के अधिकारों का हनन हो रहा है जबकि कॉमर्स छात्रों को प्रशिक्षण देने के साथ बीएड भी कामर्स से कराई जाए। ज्ञापन में लिखा है कि कॉमर्स के छात्र कक्षा 12वीं के बाद अलग-अलग विषय चयन करते हैं जबकि विज्ञान कला वर्ग के छात्र उसी वर्ग में विषय चयन करते हैं। ऐसे में रीट परीक्षा में कॉमर्स के छात्र शामिल किए जाने के कारण उनकी कुछ प्रतिशत सीटें कॉमर्स वाले अभ्यर्थी ले जाते हैं। इससे विज्ञान कला वर्ग के छात्रों के अधिकारों का हनन हो रहा है। ज्ञापन भेजने वालों में गटूवा शर्मा, रवि कुक्कड़, अजय गुप्ता, लेखराज मीणा, जय गुप्ता, पुष्पेंद्र शर्मा, सुरेंद्र सैनी सहित अन्य विज्ञान कला वर्ग के छात्र शामिल थे।