पहले िलखवा लेते हैं हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं
आश्रम के बाहर आता जाता रहता था मानवेंद्र
सुदर्शनाचार्यमहाराज ने बताया कि मानवेंद्र का आए दिन आश्रम से बाहर आना जाना बना रहता था। वह बाहर कंप्यूटर सीखने जाने की कहकर जाता था।
रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने को लेकर आश्रम ने दी सफाई
^महेशकटारे यदि मानवेंद्र को धमकाता नहीं तो वह कहीं नहीं जाता। हमने सोचा कि वह अपने गांव या बुआ के घर गया होगा। इसलिए वेद विद्यालय की ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। पहले भी वह अकेला जाता रहा। -सुदर्शनाचार्यमहाराज
वेद विद्यालय से 27 जनवरी को गायब हुए छात्र का सोमवार को भी पता नहीं लगा है। पुलिस ने आश्रम जाकर छात्र के बारे में जानकारी ली। अरावली विहार थाना प्रभारी गणपतराम ने बताया कि मधुसूदन चतुर्वेद विद्यालय में अध्ययनरत छात्र उत्तर प्रदेश के महोबा निवासी मानवेंद्र कटारे (15)पुत्र महेश कटारे के लापता होने का मुकदमा दर्ज कर बालक की तलाश की जा रही है। थानाप्रभारी के नेतृत्व में वेद विद्यालय गए पुलिस दल ने आश्रम के लोगों से पूछताछ की। शेषपेज |12
उन्होंनेबताया कि बालक की तलाश के लिए दबिश की कार्रवाई की जा रही है। उसके रिश्तेदारों परिजनों से पुलिस संपर्क में है। मानवेंद्र की बुआ भी अलवर में रहती है।
पढाईमें कम लगता था मन : अरावलीथानाप्रभारी गणपतराम ने बताया कि मधुसूदन सेवाश्रम में रहने वाले लोगों से मानवेंद्र के बारे में पूछताछ के दौरान यह बात सामने आईं कि उसका पढ़ाई मन कम लगता था। पहले भी कई बार आश्रम से चला गया था। पिता ने फोन पर मानवेंद्र को धमकाया इसके बाद वह आश्रम से चला गया।
भास्कर संवाददाता | अलवर
कालाकुआंरामकिशन कॉलोनी स्थित मधुसूदन चतुर्वेद विद्यालय से बालक मानवेंद्र के लापता होने के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां विद्यार्थी सात साल तक अध्ययन करता है, लेकिन उनके कहीं भी आने जाने पर कोई रोक टोक नहीं है। कोई विद्यार्थी कहीं भी जा सकता है।
वेद विद्यालय के मुख्य संचालक फलाहारी महाराज का कहना है कि ये छोटे बच्चे तो है नहीं जो एक-एक एक पर नजर रखी जाए। बच्चों के प्रवेश लेते समय उनके माता पिता से पहले ही हल्फनामा ले लिया जाता है। जिसमें साफ लिखा है कि बच्चे के कुछ भी होता है तो वेद विद्यालय प्रबंधन की कोई जिम्मेदारी नहीं है। उधर, बालक मानवेंद्र के लापता होने बाद आश्रम प्रबंधन ने जिस तरह से पल्ला झाड़ उससे वहां अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी प्रश्न चिह्न लग गया है। आश्रम में वर्तमान में 96 विद्यार्थी अध्ययनरत है।