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आज पेश होगा शहर की सरकार का बजट

5 वर्ष पहले
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अधिकारियों कर्मचारियों पर वेतन और भत्तों पर इस बार तीन करोड़ अधिक खर्च होगा। चालू वर्ष में 16 करोड़ 14 लाख का खर्च देखते हुए। इस बार बजट में 19 करोड़ 37 लाख के व्यय का प्रावधान रखा गया है।

प्रशासनिकव्यय बढ़ेगा

प्रशासनिकव्यय में इस बार खर्च 1.12 करोड़़ रुपए का रखा गया है। यह पिछले बजट में 89.12 लाख रुपए था हालांकि वास्तव में खर्च एक करोड एक लाख से अधिक होने पर यह व्यय बढ़ाया गया है। इस तरह प्रशासन पेट्रोल, डीजल, डाक, फोन विभिन्न तरह के अन्य खर्चों को बढ़ाया है।

रोडलाइट बिलों का भुगतान 15 लाख बढ़ेगा

नगरपरिषद की ओर से नए बजट में रोड लाइट का बिल पर नए बजट में 165 लाख रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। यह पिछले साल 150 लाख रुपए था।

पार्कों के विकास के लिए राशि नहीं

पार्कबनाने के लिए परिषद की ओर से कोई राशि नहीं रखी। पिछले साल यह राशि भी ऐसा हुआ पर 11.29 लाख की राशि पार्कों पर खर्च की गई।

सड़कनाली पर खर्च बढ़ेगा : कंक्रीटकी सड़कों के निर्माण पर इस बार 50 लाख अधिक खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है यह 200 लाख से बढ़ा कर 250 लाख किया गया है। नाली निर्माण पर 50 लाख रुपए का प्रस्ताव रखा है। पिछली बार 25 लाख रुपए का था।

जगन्नाथजी के 4 लाख की आय बढ़ाने का प्रस्ताव : नगरपरिषद जगन्नाथ जी के मेले आतिशबाजी बाजार से नए बजट में चार लाख रुपए अधिक आय का लक्ष्य लेकर चल रही है। पिछले वर्ष यह 26 लाख था और आय 28 लाख रुपए की हुई। इसलिए नए साल का बजट में आय बढ़ाने का लक्ष्य है।

शहर की सफाई पर खर्च नहीं बढ़ेगा

सफाईके खर्च पर परिषद की ओर से कोई राशि नहीं बढ़ाई गई है। परिषद अपनी बजट में से 3 करोड़ ही खर्च करेंगी। परिषद में छह करोड़ से अधिक सफाई पर खर्च हो रहा है। अन्य योजनाओं में सफाई के लिए राशि मिलने के कारण राशि अदा की जाती है।

भास्कर न्यूज | अलवर

शहरीसरकार के विकास का बजट शनिवार को पारित होगा। इसके लिए परिषद के सभा भवन में शनिवार को सुबह 11 बजे से बजट बैठक होगी। पिछले साल के मुकाबले इस बार 11. 84 लाख रुपए अधिक का बजट है। परिषद ने वर्ष 2016-17 का जो बजट तैयार किया है वह 58.60 करोड़़ रुपए का है। पिछले साल यह का बजट 46.76 करोड़ रुपए का बनाया गया था।

^शहरके विकास को ध्यान में रखते हुए बजट बनाया गया है। शहर में विभिन्न व्यवस्थाओं को आने वाले वर्ष में सुधारा जाएगा। अशोकखन्ना, सभापति, नप.

^विकासके लिए नहीं सिर्फ आकडे बाजी का बजट है। संविदा कर्मियों पर खर्च बढ़ाया जा रहा है। पेट्रोल पर खर्च बढ़ रहा है। ऐसे में विकास कहा होगा। नरेंद्रमीणा, नेता प्रतिपक्ष

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