टहला। अब गांव तिलवाड़ के लोग भी अंगदान को तैयार हैं। गांव निवासी कल्याण सहाय के आठ वर्षीय पुत्र मोहित के अंगदान के निर्णय से सभी प्रभावित हैं। गांव के लोगों का कहना है कि मोहित की भले ही मौत हो गई। पर वह आज भी जिंदा है। वह एक नहीं दो शरीरों में नजर आएगा।
बुधवार को गांव के लोग कल्याण के घर गए।
मोहित को श्रद्धांजलि देकर नमन किया। उसे गांव का गौरव बताते हुए कई गांव के ही बुद्धा लाल मीणा ने बताया कि गांव के लोग अंगदान के लिए सहमत है। सभी की इस संबंध में बात हो चुकी है। मोहित के अंगदान के बाद जीवन का महत्व समझ आया है। साथ ही अंगदान की सोच जागृत हुई है। अंगदान के लिए सहमत लोगों की सूची प्रशासन को भिजवाई जाएगी।
मोहित के होने की पीड़ा उसके ताऊ ननंद किशोर शर्मा को बेहाल किए हुए हैं। मोहित ताऊ का लाड़ला था। मौत के बाद से ही नंदकिशोर बेहाल हैं। लेकिन अंगदान के निर्णय से दो लोगों को मिली जिंदगी से खुश भी हैं। उनका कहना है कि बच्चा गया, पर दो जिन्दगी बच गईं।
मोहित के नाम से हो कोई सरकार भवन
गांवके लोगों ने प्रशासन से मोहित के नाम से गांव में सरकारी स्कूल या कोई सरकारी भवन करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मोहित के परिजनों का प्रशासन की ओर से भी सम्मान किया जाना चाहिए।