अलवर। शहर की सरकार ने सत्र 2016-17 का 58.60 करोड़ का बजट बिना चर्चा पास कर दिया। इसे सदन में रखा तो गया, लेकिन पूरा पढ़ा गया ही चर्चा हुई। सत्तापक्ष ने बहुमत के आधार पर बजट पास करा लिया। नगर परिषद की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सफाई के लिए इस बजट में कोई नया प्रावधान नहीं किया गया। यह भी जब सफाई अभियान प्रधानमंत्री की प्राथमिकताओं में है।
बजट बैठक में सत्तापक्ष के कुछ पार्षदों के विरोधी तेवर रहे। दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष ने बजट के मामले में अधिक बहस नहीं की। प्रस्ताव रखा गया कि नगर परिषद का सीमा क्षेत्र बढ़ाया जाए और नगर निगम बनाया जाए। मांग यह भी की गई की पार्षदों के लिए राशि निर्धारित की जाए, जिससे पार्षद अपने क्षेत्र में विकास कर सकें। 43 मिनट चली बैठक में 35 मिनट बहसबाजी विवाद चलता रहा।
परिषद की बजट बैठक 11.02 बजे शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही सभापति ने बजट का कुछ हिस्सा पढ़ा और कहा कि बजट पूर्व में ही दे दिया गया था। जिसे जानकारी लेनी हो वह बजट संबंधी जानकारी ले सकता हैं। किसी ने कोई आवेदन नहीं किया। अब आप बजट पर चर्चा करना चाहते हो कर सकते हैं। इसके बाद कांग्रेस के नारायण साईवाल ने बैठक में अधिकारियों की संख्या कम होने कपिल राज शर्मा ने सफाई का मुद्दा उठाया। भाजपा के प्रहलाद अग्रवाल भी आरटीआई के मामले में खिंचाई करते दिखे। इनका साथ धीरज जैन ने दिया। विशेष बात यह रही की बजट पास करते समय प्रहलाद अग्रवाल ने तो समर्थन में हाथ भी खड़े नहीं किए।
नाली निर्माण पर खर्च दोगुना किया
1.कंक्रीटकी सड़कों के निर्माण पर खर्च 200 लाख से बढ़ाकर 250 लाख किया।
2.नाली निर्माण पर बजट 25 लाख से बढ़कर 50 लाख किया।
3.रोडलाइट लाइनों को विस्तार होगा। इस पर एक लाख से बढ़ाकर खर्च दस लाख किया गया है।
4.सीवरके ढक्कन उठाने के लिए 5 लाख की मशीन खरीदेगी परिषद।
5.कूड़ादानलगाने के लिए दस लाख की राशि रखी। पिछले साल भी यही राशि थी पर कूड़ेदान नहीं लगवाए।
6.स्वर्णजयंती रोजगार योजना में मिलने वाली राशि को 60.38 लाख को बढ़ाकर 100 लाख किया। रोजगार के लिए लोगों को अवसर मिलेंगे। बेरोजगारों को ज्यादा लोन मिलेगा।
परिषद को नगर निगम बनाने का प्रस्ताव पास
विपक्षके नेता नरेंद्र मीणा ने परिषद को नगर निगम के रूप में विकसित कराने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। सभापति अशोक खन्ना का कहना था कि इस प्रस्ताव को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। ऐसा होने पर शहरी क्षेत्र में शामिल कई गांवों और ग्रामीण क्षेत्र में बसी शहर की कॉलोनियों को जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र में बाधा नहीं आएगी। साथ ही जयपुर रोड पर बने मैरिज होम का क्षेत्र भी उनका होगा। पार्षदों के लिए वार्ड विकास की राशि निर्धारित करने के मीणा के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से पास किया गया। सभापति ने कहा कि इन्हें सरकार के पास भेजा जाएगा।
75 लाख नगरीय कर वसूली का लक्ष्य
1. साड़ी कंबल योजना का लाभ नहीं मिलेगा। योजना बंद राज्य सरकार ने की।
2. बीपीएल आवास योजना का लाभ नहीं मिलेगा। राज्य सरकार को राशि वापस भेजेगी परिषद
3. जगन्नाथ मेले में लगने वाली दुकानें इस बार महंगी मिलेगी
4. आतिशबाजी बाजार की स्टॉलें भी महंगी मिलेंगी।
5 शुल्क एवं उपभोक्ता प्रभार बढ़ने का असर आम नागरिक पर होगा। यह 398 लाख रुपए से बढ़ाकर 435 लाख किया गया है। इसके तहत नगर परिषद की ओर से करों में वृद्धि किए जाने की संभावना है।
6. नगरीय कर वसूलने में सख्ती दिखाएगी परिषद। इसमें आय को 60 लाख से बढ़ाकर 75 लाख रुपए किया गया है।
7. नगर परिषद के साइकिल स्टैंड की दर बढ़ सकती है। इस बार ठेके के लिए दो लाख रुपए बढ़ाएं जाएंगे।
8. मैरिजहोम पंजीयन का शुल्क बढ़ेगा।
9. लघु यंत्रालय पर शुल्क बढ़ेगा।
10.पार्क विकास पर कोई व्यय नहीं होगा। सभा भवन में सुधार के लिए 5 लाख खर्च होगा।
11. जन्म मृत्यु प्रमाण पत्रों के मद में परिषद आय बढ़ाएंगी। इसे 2.50 लाख से बढ़ाकर 3.30 लाख किया है। इसका अर्थ साफ है की इनका शुल्क बढ़ सकता है। हालांकि परिषद का तर्क है चालू सत्र में उसे 2.61 लाख की आय हुई। इससे देखते हुए राशि बढ़ाई गई।
बजट पर जिम्मेदारों से बातचीत
बजट 2016-17: पिछलीबार से 11.84 करोड़ रुपए ज्यादा मिले पर सफाई पार्क पर कुछ नहीं बढ़ाया
भास्कर : बजटबैठक में क्या बोर्ड पक्ष और विपक्ष में सब कुछ फिक्स था?
सभापति: हांफिक्स था। (फिर संभलते हुए कहा) फिक्स नहीं, विकास का बजट देखते हुए स्वीकृत कराया है विपक्ष ने।
भास्कर : सभापतिकह रहे है, बजट के लिए सब कुछ फिक्स था?
नेताप्रतिपक्ष : वेकह सकते हैं। क्योंकि वे तैयारी करके नहीं आए। ऐसा था नहीं। हमने इसलिए विरोध नहीं जताया। क्योंिक बजट तो पास होना ही था।