बांसवाड़ा. सरकारी रिहायशी मूक बधिर स्कूल में 5वीं कक्षा में पढऩे वाली 11 वर्षीय बालिका ने पुलिस को दिए बयानों में दुष्कर्मी के बारे में संकेत दिए हैं, जिस आधार पर पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है।
शिशु को जन्म देने के बाद अचानक आई खून की कमी से सेहत बिगड़ती देख पीड़िता को उदयपुर भेज दिया गया था। वहां रैफर करने से पहले ही पीड़िता ने इशारों की भाषा में पुलिस को जानकारी देने का प्रयास किया था। जिसमें पीडि़ता के गांव के निकट ही एक पेट्रोल पंप होना बताया और उसके पास ही दुष्कर्म होने की जानकारी दी है।
हालांकि पुलिस ने अभी इसका खुलासा नहीं किया है, लेकिन शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन की ओर से कलेक्टर को भेजी गई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है। इसमें यह बताया है कि बालिका के साथ दुष्कर्म ग्रीष्मावकाश (पिछले साल मई- जून) के दौरान हुआ है। वहीं, मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक मई के आखिरी सप्ताह और जून के पहले सप्ताह के बीच ही गर्भधारण होने की बात कही है।
दूसरी ओर, मूक बधिर स्कूल लोधा में मंगलवार को दिनभर जांच अधिकारियों का आना जाना लगा रहा, वहीं कलेक्टर के निर्देश पर महात्मा गांधी चिकित्सालय की टीम ने मूक बधिर बच्चों का मेडिकल टेस्ट किया।
स्कूल में स्थिति यह थी कि एक ओर जहां मेडिकल टीम बच्चों की सेहत जांच रहीं थी, तो दूसरी ओर शिक्षा विभाग और बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी और अफसर जांच के लिए पहुंचे।
बाल कल्याण समिति ने भेजी रिपोर्ट
इस प्रकरण को लेकर बाल कल्याण समिति ने राज्य सरकार और बाल संरक्षण अधिकार आयोग को रिपोर्ट भेज दी है। इस संबंध में कलेक्टर केबी गुप्ता से जांच रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की है। अध्यक्ष गोपाल पंड्या ने बताया कि मामला गंभीर है और इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच की जाएगी। हालांकि पंड्या ने बताया कि अभी प्रारंभिक जांच में स्कूल के एक एक बच्चे के बयान लिए गए हैं और पीडि़त बालिका के हाव भाव और अन्य जानकारी जुटाई है। इसके साथ ही स्कूल स्टाफ और चौकीदार आदि से भी जानकारी ली गई है।
मां-बाप को गर्भधारण के बारे में जानकारी थी
दूसरी ओर, इस प्रकरण की जानकारी बालिका के मां बाप को पहले से ही थी, क्योंकि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार स्कूल प्रशासन और जांच कमेटी ने बालिका और अन्य से मिली जानकारी के अनुसार बालिका के मां बाप को यह सब पता था। हालांकि यह बात भी सामने आ रही है कि इस प्रकरण को दबाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में आपस में भांजगड़ा (लेनदेन के जरिए समझौता) करने की जानकारी आ रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं हुई है।
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