भास्कर न्यूज। बांसवाड़ा
भास्कर न्यूज। बांसवाड़ा
जिलेमें स्थापित होने वाले 2800 मेगावाट क्षमता के न्यूक्लियर पावर प्लांट यानी परमाणु बिजलीघर की जमीन के मुआवजे की राशि तय करने को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट में विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें पांच गांवों की कोर कमेटी गठित कर जिला प्रशासन, एनपीसीआईएल के चीफ प्रोजेक्ट इंजीनियर के मध्य मुआवजा राशि तय करने की बात पर सहमति बनी।
बैठक में कलेक्टर कुंजबिहारी गुप्ता और एसडीओ रुक्मिणी रियार सिहाग (आईएएस) सहित किसानों-ग्रामीणों की मौजूदगी में मांगें रखने और विचार-विमर्श का सिलसिला आगे बढ़ा।
बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर गुप्ता ने कहा कि किसानों ने हमेशा विकास में सरकार का साथ दिया है और आगे भी यही अपेक्षा है। सरकार और जिला प्रशासन किसानों ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए है, इसमें कोई संशय नहीं है। यदि समय रहते पावर प्लांट का काम प्रारंभ होता तो क्षेत्र और क्षेत्रवासियों की स्थिति में काफी बदलाव चुका होता। वहीं, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन आॅफ इंडिया लिमिटेड के चीफ प्रोजेक्ट इंजीनियर रंजय शरण ने कहा कि एनपीसीआईएल ने हमेशा से संबंधित गांवों के ग्रामीणों की मांगों को सामने रखने का अनुरोध किया है।
40 हजार करोड़ की लागत से स्थापित होने वाले बिजलीघर का दूरगामी फायदा क्षेत्र के लोगों और उनकी आने वाली पीढ़ी को भी मिलेगा। िजससे साथ ही क्षेत्रीय लोगों के कई प्रकार से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके साथ ही भूमि मालिक और किसी कारणवश अन्य भूमि पर बैठे लोगों के हित की बात भी सरकार, जिला प्रशासन और एनपीसीआईएल निरंतर सोच रहा है। बैठक में छोटी सरवन के तहसीलदार शंकरलाल, धीरज दोसी भी मौजूद रहे।