(11-12 दिसंबर को प्रकाशित खबर)
बांसवाड़ा| जिले में 2011-12 की पात्र 255 से ज्यादा बालिकाओं को सरकारी योजना के तहत स्कूटियां नहीं मिलने का मामला अब राजनीतिक हल्कों और प्रशासनिक हल्कों के बीच गहरा गया है। साथ ही यह मामला इसलिए भी गहरा गया है कि विभाग ने स्पष्ट रूप से स्वीकृति नहीं दी है, जबकि इस निर्णय में कहीं कहीं टीएडी मंत्री भी शामिल रहे है। साधारण सभा में मामले उठाने के बाद जहां मंत्री ने सीधे ही मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाने की बात कहीं है, वहीं टीएडी के कमिश्नर भवानी सिंह देथा ने भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को पुराने रिकार्ड को दिखवाया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग और टीएडी बांसवाड़ा से भी जानकारी एकत्र की जाएगी।
इस हलचल के बाद 2011-12 में वंचित रही बालिकाओं को अब उपहार मिलने की उम्मीद जगी है। दूसरी ओर इस पूरे मामले पर पर्दा हटाते हुए भास्कर ने खबर प्रकाशित करते हुए स्पष्ट किया कि ना अफसरों ने नहीं की है, जबकि इंकार विभाग ने ही किया है।
'' हमने पूरे मामले को प्रारंभिक स्तर पर दिखवाया है। साथ ही प्रकरण के निस्तारण को लेकर भी प्रयास कर रहे है। शुक्रवार को ही इस संबंध में फाइलें देखी है। -भवानी सिंह देथा, आयुक्तटीएडी
^इस संबंध में मुख्यमंत्री के अलावा किसी से भी बात नहीं करूंगा। जयपुर जाते ही सीधे मुख्यमंत्री महोदया के समक्ष पूरे प्रकरण को प्रमुखता से रखते हुए वंचित बालिकाओं को स्कूटी दिलाने की पहल करूंगा।'' -जीतमल खांट, राज्यमंत्री।
मंत्री बोले - सीधे ही सीएम से करूंगा बात, आयुक्त ने कहा - शुक्रवार को रिकॉर्ड दिखवाया है ।