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छींच को बनाया जा सकता है धार्मिक पर्यटन सर्किट
बांसवाड़ाशहर से 15 किमी की दूरी पर बागीदौरा मार्ग की राह में बसा छींच धार्मिक गांव है। 12वीं शती का ब्रह्मा मंदिर इस गांव का गौरव बढ़ाता है, जहां अब तक लाखों नागरिक चुके हैं। छींच अपने चारों तरफ कुछ ऐसे धार्मिक पर्यटन स्थलों का केन्द्र बिन्दु है, जहां एक से दूसरे श्रद्धास्थल तक कम समय में ही पहुंचा जा सकता है। क्षेत्रवासियों से लेकर आसपास के ग्रामीणों में इन स्थलों के प्रति अपार श्रद्धा है। उन्हें मलाल रहा है कि इतने प्रसिद्धस्थल होने के बावजूद इन्हें धार्मिक पर्यटन के लिहाज से नहीं जोड़ा गया। यदि इस दिशा में कुछ सरकारी प्रयास किए जाते तो सहयोग के लिए स्थानीय बाशिंदे भी आगे जाते।
येहैं श्रद्धास्थलों की दूरियां
-छींचब्रह्मा मंदिर से हरसिद्धी माता मलवासा - 3 किमी
-छींच ब्रह्मा मंदिर से नीलकंठ महादेव-4 किमी
-छींच ब्रह्मा मंदिर से विट्ठलदेव मंदिर - 6 किमी
- छींच ब्रह्मा मंदिर से सत्यनारायण मंदिर - 6 किमी
-छींच ब्रह्मा मंदिर से त्रिपुरा सुन्दरी - 9 किमी
- छींच ब्रह्मा मंदिर से जैनतीर्थ नसियांजी - 6 किमी
-छींच ब्रह्मा मंदिर से नंदनी माता - 7 किमी
- छींच ब्रह्मा मंदिर से घोटियाआंबा - 14 किमी
-छींच ब्रह्मा मंदिर से तलवाड़ा - 12 किमी
प्राचीन सत्यनारायण मंदिर : विट्ठलदेवमंदिर से ही एक किमी दूर प्राचीन सत्यनारायण मंदिर पिकनिक के लिए भी उत्तम जगह हैं, क्योंकि प्रकृति ने यहां हरियाली बरसा रखी है। पास में बोरवट के पूर्व सरपंच अर्जुनभाई पाटीदार ने बजरंगबली का मंदिर निर्मित करवाया है, जो लोग सत्यनारायण मंदिर आते हैं, वे संकटमोचन मंदिर पर धोक पहले ही लगाते हैं। सत्यनारायण महादेव के पास चौरासी महादेव मंदिर शंभुपुरा गांव में है। छोटे-छोटे पत्थरों पर बने चौरासी महादेव जनआस्था का प्रमुख केन्द्र है।
आसपासमंदिर ही मंदिर: यहांसे 4 किमी की दूर माता त्रिपुरा सुंदरी का प्राचीन मंदिर है, जहां से महज तीन किमी पर रामकुंडधाम तथा तलवाड़ा का प्राचीन सिद्धिविनायक और सूर्यमंदिर है। नंदनी माता से 7 किमी पर महाभारतकालीन घोटियाआंबा है, जिसका धार्मिक दृष्टि से जितना महत्व है, उससे भी अधिक पर्यटन की संभावनाएं हैं।
प्रमुखसमस्याएं - छींचसे सटे इस विशाल धार्मिक पर्यटनस्थलों का जोड़ने के लिए अच्छी सड़क चाहिए, ताकि श्रद्धालु आसानी से 5 से 6 घंटों में प्रकृति के वागड़ पर बरस