वागड़ पर छाने लगा गुजराती गरबों का रंग
बांसवाड़ा. नवरात्रके दौरान अब वागड़ अंचल में गुजराती गरबों की रंगत जमने लगी है। शहर के अंबामाता मंदिर, महालक्ष्मी चौक, कंसारा मोहल्ला, खांदू कॉलोनी, ठीकरिया स्थित लक्ष्मीनारायण चौक, त्रिपुरा कॉलोनी स्थित त्रिपुरा चौक, आशापुरा और भादवा माताजी, कालिका माताजी मंदिर, भैरव चौक, माही कॉलोनी स्थित श्रीराम मंदिर, पुरानी सब्जी मंडी में गरबा खेलने लोगों के आने का क्रम प्रारंभ हो चुका है। वाद्य यंत्रों की धुनों पर गरबा गायक गुजराती गरबे आज नवली छे नव नवरात्र रंग मां रंग ताली.....,पंखिड़ा रे उड़ी ने जाजे पावागढ़ रे महाकाली ने जई ने कैजे गरबे रमे रे..., आवाे तो रमवा ने गरबे घुमवा ने माई मारे जोवु छे तमने रमता रे...आदि गरबों की खासी धूम मची हुई है। वहीं, गरबे खेलने आने वाले पुरुष जहां नए और आकर्षक परिधानों में सजे धजे नजर आते हैं, वहीं युवतियां भी गुजरती और काठियावाड़ी परिधानों में गरबे खेलते हुए दिखाई देती है। गरबा नृत्य के दौरान उत्साह उस समय द्विगुणित हो जाता है जब गरबा खेलने वाले युवक-युवतियां गरबा नृत्य के दौरान नित नए अंदाज का उपयोग करते हैं। अंबामाता मंदिर में नवरात्र की सप्तमी को आखिरी गरबे होंगे, वहीं शेष सभी देवी मंदिरों में नवरात्र की नवमी तक गरबे खेले जाएंगे।