बांसवाड़ा| गुजरात के प्रसिद्ध गरबा गायक हेमंत चौहान ने बुधवार को शहर के कुशलबाग मैदान में गुजराती गरबा और भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियां दी। त्रिमेस और शिवकथा आयोजन समिति की ओर से आयोजित भजन संध्या में गायक हेमंत चौहान के भजनों पर श्रद्धालुओं ने जमकर गरबा खेला।
चौहान ने अंबा माता के गरबे आंरासुर मां अंबा करे रे किलौल..., जय अंबे जय अंबे अंबे जय जगदंबे..., गरबा मां उड़े गुलाल रे..., पंखिड़ा रे उड़ी ने जाजे पावागढ़ रे..., वीरपुर ना जलाराम बाप्पा....., म्हारा घट मां बिराजता श्रीनाथजी... सरीखे गरबे और संत नरसिंह मेहता श्रीनाथजी से संबंधित भजन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान गायक चौहान का त्रिमेस और आयोजन समिति की ओर से स्वागत किया गया।
इससे पूर्व हेमंत चौहान ने शहर के महालक्ष्मी मंदिर में विशेष रूप से पूजा-अर्चना की और मंदिर के बाहर भजनों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भाव विभोर किया। हेमंत चौहान श्रीमाल समाज के महालक्ष्मी मंदिर पहुंचे। जहां नगर परिषद उपसभापति महावीर बोहरा, श्रीमाल समाज के राजूभाई श्रीमाल ने उनका स्वागत किया। मंदिर में पूजा और आरती के बाद चौहान के फोटो लेने की होड़ मच गई।
कुशलबाग मैदान में हेमंत चौहान के गरबों पर गरबा खेलतीं युवतियां महिलाएं। दूसरी ओर, शहर केमहालक्ष्मी मंदिर के बाहर गरबों की प्रस्तुति देते हेमंत चौहान।
बांसवाड़ा. कुशलबाग मैदान में आयोजित शिवकथा में बुधवार को गिरि बापू ने मौजूद शिवभक्तों से कहा कि माता-पिता ही शिव-शक्ति का स्वरूप हैं। माता-पिता की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है। गिरि बापू ने कहा कि जीवन में गुणवान लोग बहुत होते हैं, लेकिन सदगुणी बहुत कम। हर व्यक्ति में कोई ना कोई विशेष गुण होता है। हमे उसकी प्रशंसा करनी चाहिए। दूसरों को अच्छे बोल शब्द बोलना भी समाजसेवा है। गिरि बापू ने कहा कि जो लोग शिव की निंदा करते है उन्हें पापों से कभी मुक्ति नहीं मिलती।
कथा के दौरान भगवान शिव और सती के विवाह का वर्णन किया। कथा में शिव-शक्ति के भजनों पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूमने लगे। इस अवसर पर मुख्य यजमान नारायणलाल त्रिवेदी परिवार, नीमेष मेहता, निर्भयराम भजन मंडल के विनोद जोशी, कंसारा महिला मंडल बांसवाड़ा सहित कई शिवभक्तों ने व्यास पीठ का पूजन किया।