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नगर परिषद, अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग में 1557 पद खाली
सरकारके आह्वान पर जिलेभर में स्वच्छ भारत, स्वास्थ्य भारत मिशन की शुरुआत कर दी गई है। इधर, नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग और महात्मा गांधी अस्पताल में 1557 की संख्या में पद खाली हैं। सरकारी मंत्रियों और आला अफसरों का दौरा हो चुका है, जिसके सामने भी यह मुद्दा उठा, भरोसा भी दिया, लेकिन सवा महीने बाद भी हालात नहीं सुधरे और तीनों महकमों में काम का दबाव बढ़ गया।
शहर का महात्मा गांधी अस्पताल हो या देहात का अस्पताल सब जगह पद खाली हैं। आयुर्वेद विभाग में भी कार्मिकों की कमी है। नगर परिषद में ही 419 पद रिक्त हैं। पूर्व की सरकार ने बांसवाड़ा के लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप सरकार ने नगर पालिका को नगर परिषद तो बना दिया, लेकिन कार्मिकों की संख्या में काेई इजाफा नहीं किया है। शहर के महात्मा गांधी अस्पताल में ही पद खाली होने का आंकड़ा करीब 121 के करीब पहुंचता है। वहीं, जिले के स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों की संख्या से एक हजार से भी अधिक है। सभी वर्ग के पदों की संख्या को जोड़ा जाए तो यह 1017 हो जाती है। ऐसे में तीनों विभाग की संख्या को मिलाकर 1557 संख्या होती है।
नगर परिषद आयुक्त दिलीप गुप्ता ने बताया कि नगर परिषद में कार्मिकों की कमी को नकारा नहीं जा सकता है। इसके बाद भी हम अभियान में बेहतर परिणाम देने के लिए तत्पर हैं। वहीं सीएमएचओ डॉ. एचएल तााबियार ने बताया कि हम अपना काम पूरी ईमानदारी से करते हैं। अच्छे परिणाम देने के लिए सभी तरह से प्रयास करते हैं।
बेहतर परिणाम देंगे
बीमार को सही कराने के लिए दवाओं की जरूरत पड़ती है। दवाओं के बिना स्वास्थ्य सही नहीं होता है। सरकार ने सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों के बाहर की दवाएं लिखने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। वहीं सरकारी दवाओं की आपूर्ति में लगातार कमी रही है। ऐसे में स्वास्थ्य पर संकट ही रहा है।
दवाओं की लगातार कमी हो रही
जब अधिकारियों का दबाव हो और कार्मिकों की संख्या कम हो तो केवल दिखावा ही किया जाता है। इसका जीता जागता उदाहरण नगर परिषद है। नगर परिषद की ओर से स्वच्छता के नाम पर केवल कुछ मार्ग की साफ-सफाई की जा रही है।
सही काम कम, केवल दिखावा