पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • टिकट वितरण में मालवीया और बामनिया आमने सामने

टिकट वितरण में मालवीया और बामनिया आमने-सामने

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बांसवाड़ा. भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की ओर से अपनी-अपनी सूचियों को लेकर अंतिम रूप दिया जा चुका है। कुछ एक वार्ड के टिकट फाइनल होने बाकी हैं। इसका मुख्य कारण सत्ता और संगठन बीच में रहा है। कांग्रेस में एक विशेष वार्ड को लेकर टकराव अधिक हो रहा है। यहां पर पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक अपने समर्थकों को टिकट दिलाना चाहते हैं।

कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर बागीदौरा विधायक महेंद्रजीतसिंह मालवीया और पूर्व शहर विधायक अर्जुन बामनिया आमने-सामने हो गए हैं। दोनों ही अपने चहेतों को टिकट दिलाना चाहते हैं। टिकट वितरण में दोनों को भी झुकना मंजूर नहीं है। इससे पहले कांग्रेस शासन में मंत्री रहे मालवीय के तत्कालीन विधायक अर्जुन बामनिया को शहर में दखल देने पर एतराज रहा है। बदलते दौर में मालवीया ही विधायक हैं। उनका कद भी बढ़ चुका है। बामनिया चुनाव हार चुके हैं।
इसके बाद लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों नेता एक-दूसरे के करीब दिखे। हालांकि दोनों नेताओं ने किसी भी प्रकार की तनातनी से इंकार किया है। गुरुवार को पीसीसी की बैठक में क्या हुआ, इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। पूर्व विधायक अर्जुन बामनिया ने कहा कि किसी प्रकार का कोई टकराव नहीं है। जो भी होगा, संगठन के स्तर से होगा। मालवीया ने कहा कि पीसीसी में अभी कुछ नहीं हुआ है।

ऐसे चलेगी प्रक्रिया

11 नवंबर : नामांकन भरने की अंतिम तिथि।

12 नवंबर : नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी।

14 नवंबर: उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे।

15 नवंबर : चुनाव चिन्हों का आवंटन।

22 नवंबर : सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान।

(नोट: एकमतदान केंद्र पर अधिकतम 1400 मतदाता वोट डाल सकेंगे।)

भाजपा में सूची की उदयपुर में छंटनी

भाजपा की ओर से अपनी सूचियों को उदयपुर में अंतिम रूप दिया जा रहा है। ऐसा बताया जा रहा है। हालांकि इसके लिए अधिकृत रूप से कोई नहीं बोल रहा है। सांसद मानशंकर निनामा ने यह जरूर बताया कि पार्टी उन्हीं को टिकट देगी, जिनकी छवि स्वच्छ होगी। चाहे वे पिछले बोर्ड में रहे हों या नहीं रहे हों। सांसद के साथ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अशोक मेतवाला ने कहा कि बांसवाड़ा में हजारों करोड़ रुपए का निवेश होने वाला है। ऐसे में शहर का प्रशासन एकदम दमदार होना चाहिए। जो कि जिले में अपने आप को दिखा सके कि उन्होंने कुछ किया है।