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- जमीनों का मुआवजा बढ़ाने से हमारे प्रोजेक्ट्स को मिलेगा सीधा फायदा
जमीनों का मुआवजा बढ़ाने से हमारे प्रोजेक्ट्स को मिलेगा सीधा फायदा
राजस्थानसरकार द्वारा हाल ही में ग्रामीण क्षेत्र में जमीनों के अधिग्रहण की मुआवजा दर डीएलसी दर से 5 से 9 गुना तक देने का निर्णय लिया है। इससे हमारे रेल और पावर प्लांट प्रोजेक्ट को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। वर्तमान में ये दोनों प्रोजेक्ट जमीनों को लेकर दी जा रही मुअावजा राशि के कारण काफी धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं। मुआवजा राशि बढ़ने से दोनों प्रोजेक्ट में भूमि अधिग्रहण को लेकर रही परेशानी दूर हो जाएगी। इससे इन प्रोजेक्ट के कार्यों में काफी तेजी आएगी और इनके तय समय में पूरा होने की उम्मीद भी बंधी है। साथ ही मुआवजा राशि बढ़ने से गुजरात के विकसित क्षेत्रों के लोगों की तरह बांसवाड़ा जिले के आदिवासी किसानों की माली हालत सुधरेगी और उनके जीवन स्तर में काफी बदलाव आएगा। उन्हें कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के तहत मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।
वहीं न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए राजस्थान विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा करवाए जाने वाला सोशल इकॉनोमिक सर्वे, जो रुका हुआ था उसके शीघ्र प्रारंभ होने की की स्थितियां बन सकेगी।
यह काम होने हैं
जिलेमें 2800 मेगावाट क्षमता के न्यूक्लियर पावर प्लांट, 1320-1320 मेगावाट क्षमता के दो सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट, नई ब्रॉडगेज रेलवे लाइन का काम होना है। यह काम भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के कारण ही अटका हुआ है। जिले में जहां पहले भूमि अधिग्रहण का विरोध हो रहा था, वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के राज्य और जिले के विकास के मामले में कड़े रुख को देेखते हुए विरोध करने वालों भूमि की डीएलसी दर को कम होने का आधार बताते हुए संबंधितों को कम मुआवजा मिलने संबंधी आग्रह किया था।