यूरिया के लिए आठ करोड़ की स्वीकृति
यूरियाकी किल्लत को देखते हुए केंद्रीय सहकारी बैंक ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के 90 लैम्पस के लिए आठ करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की है। ऋण के रूप में जारी की गई इस राशि से सभी लैम्पस यूरिया खरीद कर किसानों को उपलब्ध करा सकेंगे। इसकी जानकारी राज्य मंत्री ने दी तो पुष्टि एमडी स्वयं ने की है।
मांग के अनुरूप यूरिया नहीं आने के कारण किसानों में आक्रोश है तो दूसरी ओर मांग भी लगातार बढ़ती जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में नौ हजार एमटी यूरिया दिसंबर में चाहिए। इसकी एवज में जिले के लिए 8375 एमटी का आवंटन किया था। इसमें से अभी तक केवल 3500 एमटी खाद की आपूर्ति ही बांसवाड़ा में हो पाई है। इस संबंध में उप निदेशक कृषि विस्तार भूरालाल पाटीदार ने बताया कि आने वाले दो दिन में किसानों को काफी मात्रा में खाद मिलेगा। बांसवाड़ा के लिए उदयपुर से 500 एमटी और चित्तौडगढ़ से 450 एमटी यूरिया आने वाला है। दोनों जगह रैक लगी है। इस कारण दो तीन दिन में जिले में करीब एक हजार एमटी यूरिया जाएगा। सरकारी आंकड़े तो यह भी बताते हैं कि अभी तक जिले में 15,000 एमटी यूरिया चुका है। यदि इतना यूरिया आया है तो आखिर गया कहां।
नकदवालों के लिए रास्ता बंद
दूसरीओर केंद्रीय सहकारी बैंक के एमडी के एक आदेश ने जिले हजारों किसानों की दिक्कत और बढ़ा दी है। एमडी एसएल डामोर ने आदेश जारी किया है कि किसी भी लैम्पस से नकद में यूरिया का बेचान नहीं किया जाए। सदस्य किसानों की पूर्ति होने के बाद ही नकद में बेचान किया जाएगा। इस संबंध में एमडी डामोर ने बताया कि लैम्पस सदस्यों के लिए होता है।
^जिले का एक भी किसान यूरिया के लिए परेशान नहीं होगा। मैंने स्वयं ने सभी स्तर के अधिकारियों से वार्ता की है। केंद्रीय सहकारी बैंक के अधिकारियों से भी वार्ता की है। जिले के किसानों के लिए आठ करोड़ रुपए सीसीबी से ऋण के स्वीकृत किए गए हैं। इससे सभी क्षेत्र के किसानों को यूरिया मिल सकेगा। यदि जरूरत पड़ी तो और भी रुपयों की व्यवस्था की जाएगी। सरकार एक साल का जश्न मना रही है तो किसान परेशान हों, ऐसा संभव नहीं है।\\\'\\\' -जीतमलखांट, प्रभारीमंत्री
तलवाड़ा लैम्पस व्यवस्था योगेश जोशी ने बताया कि क्षेत्र में 10 गाड़ी यूरिया की जरूरत होती है। अभी तक आधा ही यूरिया पाया होगा। बांसवाड़ा का प्रशासन और यहां के नेता यूरिया मंगवाने में पूरी तरह व