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फेफर पावर प्लांट की प्रशासनिक मॉनिटरिंग तेज
बांसवाड़ा। पावरप्लांट लगाने के मामले में जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित प्रति सोमवार बैठक लेकर फीडबैक ले रहे हैं। वहीं 16 करोड़ दस लाख 52 हजार 210 रुपए की मुआवजा राशि देनी है। फेफर में लगने वाले 1320 मेगावाट क्षमता के सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट के लिए जमीन अवाप्त के बदले 4 करोड़ 66 लाख रुपए के चेक बांटे जा चुके हैं। गौरतलब है कि डूंगरपुर से रतलाम वाया बांसवाड़ा 189 किलाेमीटर लंबे रेलवे ट्रैक बनाने का मुख्य आधार 1320 मेगावाट का थर्मल प्लांट ही है। इसके लिए ऊर्जा विभाग को पहले 7 हजार 900 करोड़ रुपए खर्च किए जाने थे, लेेकिन अब लागत बढ़ने से करीब 9 हजार करोड़ रुपए की लागत खर्च आएगा। बुधवार को विद्युत उत्पादन निगम के एसई एमएल अग्रवाल ने छोटी सरवन तहसीलदार परमेश्वर भावसार, गिरदावर अब्दुल कादर, पटवारी महेंद्रपाल के साथ फेफर, छोटी सरवन क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों को मुआवजा राशि का चेक लेकर विकास कार्यों में सहयोग देने का अनुरोध किया।
रेलवेके काम में ढिलाई, पीएमओ से भी मॉनिटरिंग : उत्तरपश्चिम रेलवे के स्थानीय अधिकारियों द्वारा अर्थवर्क के काम में काफी ढिलाई की जा रही है और काम में आशानुरूप तेजी नहीं पा रही है। दूसरी ओर प्रधानमंत्री कार्यालय से एक हजार करोड़ के ऊपर के प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग की जा रही है। इधर, अभी तक एक भी सुरंग या पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। कागजों में काफी राशि खर्च होने के आंकड़े दर्शाए गए हैं और मौके पर उत्तर पश्चिम रेलवे के इंजीनियरों द्वारा इतना काम नहीं करवाया गया है।