धड़ से कटे नवजात का सिर मिलने से सनसनी
सच क्या - पुलिस तीन स्तर पर कर रही जांच
कोतवाली पुलिस के सीआई गोपीचंद मीणा ने बताया कि इस प्रकरण को दर्ज कर लिया है और जांच प्रारंभ कर दी है। हालांकि जांच को तीन स्तर पर किया जा रहा है। हालांकि सच क्या है, यह तो पूरी जांच होने के बाद ही पता चल पाएगा।
1.क्या शिशु तुरंत डिलीवरी का है
इसएंगल पर आसपास और हॉस्पिटल से यह जानकारी ली जाएगी कि रविवार, शनिवार इन दो दिनों में किसी की डिलीवरी हुई या नहीं। पास के नर्सिंग होम में भी इस बात काे जांच की जाएगी।
2.हॉस्पिटल से दफनाया गया हो तो यदिअस्पताल प्रशासन द्वारा मृत शिशु को गाढ़ने की कार्रवाई की गई हो तो भी जानकारी ली जाएगी। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है।
शिशुफेंका गया हो - होसकता है कि अविवाहित किसी महिला द्वारा शिशु फेंका गया हो। पुलिस इस एंगल पर भी जांच करेगी। यह भी हो सकता है कि बच्चा एबोट किया गया हो। पुलिस तहकीकात करेगी।
बांसवाड़ा. रातीतलाई क्षेत्र से गुजर रहे नाले के किनारे जांच करते पुलिसकर्मी।
क्राइम रिपोर्टर|बांसवाड़ा
शहरमें एक बार फिर से शर्मसार हुई इंसानियत, किसी नवप्रसूता मां ने नवजात पर दिखाई बेरहमी, अब अंग ढूंढना भी हो गया मुश्किल। सोमवार को रातीतलाई में धड़ से कटे नवजात का सिर मिला। सुबह 10 बजे गली में नवजात का सिर पड़ा हुआ था। दिल दहलाने की स्थिति में सिर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।
इस दौरान आसपास के सैकड़ों लोेग जमा हो गए। मौके पर पहुंचे कोतवाली के एसई शंभुसिंह के साथ पुलिस दल ने नवजात के अंग को प्लास्टिक की थैली में बंदकर हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम रूम में रखवाया। गौरतलब है कि करीब 6 माह पूर्व भी ऐसे ही नवजात का शव मिला था। जिसमें अभी तक मां की जानकारी नहीं हो पाई है। बेरहमी से नवजात का सिर धड़ से अलग किया हुआ था।
कुत्तोंके नोंच देने की भी आशंका : जांचके दौरान आशंका जताई कि कुत्तों ने नोंचकर सिर को धड़ से अलग किया होगा, क्योंकि सिर के पिछले हिस्सों में कई खरोंचे दिख रही थी। इससे ऐसा लग रहा था कि एक से अधिक कुत्तों ने इस नवजात के शव को पकड़ कर खींचा हो। हालांकि प्रारंभिक जांच है, वास्तविकता तो पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही सकती है। दूसरी ओर रातीतलाई के जिस क्षेत्र में यह शव मिला है, ठीक उसके सामने कागदी नाला है और यहीं पर महात्मा गांधी में जो नवजात गाढ़े जाते हैं।
पुलिसआधे किमी तक अंग ढूंढती रही : पुलिसटीम ने कागदी के किनारे करीब आधे किमी तक मुआयना किया। कहीं पर भी नया गड्ढा खोदा हुआ नजर नहीं आया और ही नवजात के शेष अंग मिले। पुलिस ने एक आशंकित गड्ढे को खुदवाया, लेकिन वहां पर कुछ भी नहीं मिला। क्षेत्रवासियों की शिकायत थी कि कम गहरे गड्ढे खोद कर नवजात को गाढ़ा जाता है। इस वजह से कुत्ते नोंचकर बाहर निकाल लेते हैं।
इधर,बाल कल्याण समिति मांगेगी रिपोर्ट
मौकेपर पहुंचे बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष गोपाल पंड्या ने बताया कि समिति प्रशासन से जांच की मांग करते हुए इस प्रकरण में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगेगी। यह एक घिनौनी हरकत है, जो शहर की इंसानियत को शर्मसार करती है। मामला कम गहराई से बच्चे दफनाने का हो या फिर अघोषित हो, लेकिन निंदनीय कृत्य है।