वाड़िया कॉलोनी में कथा
बांसवाड़ा| वाड़ियाकॉलोनी में आयोजित भागवत सप्ताह कार्यक्रम के तीसरे दिन व्यासपीठ से कथावाचक प्रमोदभाई शास्त्री ने कहा कि कामनाओं का अंत उपासना से ही संभव है।
उन्होंने सदगृहस्थ के लिए शिव स्वरूप के सतत चिंतन की अपरिहार्यता को रेखांकित करते हुए कहा कि अंतहीन कामनाओं के शमन के लिए उपासना ही मुख्य उपाय है। मोक्ष और स्वर्ग से भी आनंददायी है, हरि के विग्रह का ध्यान हृदय में करना। इस अवसर पर पंडित लक्ष्मीनारायण शुक्ला और चंद्रकांत पाठक के दिशा-निर्देशन में गणपति सहित स्थापित देवताओं के पूजन के बाद कथा में आए संत रामजीराम, संत उदाराम का बहुमान किया गया। कार्यक्रम में मनोहर शुक्ला, मोहनलाल पंड्या, रमेश शुक्ला, नरेंद्र जोशी, मणिशंकर जोशी, हरिकृष्ण आचार्य, हरीश भट्ट, शंकरलाल भट्ट का सम्मान किया गया। शाम को भजन संध्या भूपेश जोशी के निर्देशन में हुई। संचालन दिनेश त्रिवेदी ने किया।