अस्पताल में 24 घंटे बिजली की सप्लाई
चिकित्साविभाग के संयुक्त निदेशक का दो दिवसीय दौरा शनिवार को पूरा हुआ। दो दिवसीय दौरे में डॉ. आरएन बैरवा की टीम ने अस्पताल के हर कोने का निरीक्षण किया। महात्मा गांधी अस्पताल के स्टाफ को विभिन्न प्रकार के दिशा निर्देश भी दिए हैं। संयुक्त निदेशक डॉ.आरएन बैरवा ने बताया कि महात्मा गांधी अस्पताल में लगे जेनरेटर को ऑटोमेटिक कराए जाए। जिससे बिजली सप्लाई ठप होते ही जेनरेटर से बिजली सप्लाई शुरू हो जाएगी। साथ ही इसके लिए प्रस्ताव भी ले लिए गए।
आज से ही काम शुरू
इससंबंध में हैल्थ मैनेजर हेमलता जैन ने बताया कि संयुक्त निदेशक के निर्देशों की पालना रविवार से ही शुरू कर दी गई है। सफाई के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं भी निर्देशों के अनुसार ही की जाएगी और व्यवस्थाएं सुधरेगी।
यह दिए थे निर्देश
-सफाई व्यवस्था सही तरीके से हो।
- चादर आदि समय-समय पर बदली जाए।
- अस्पताल में रंग रोगन किया जाए।
- जितनी भी मशीनें खराब हैं, उनको सही कराया जाए।
- पानी निकासी की सही व्यवस्था हो।
एक सप्ताह बाद फिर होगी जांच, वापस सकते है बैरवा
सुधारव्यवस्थाओं को देखने के लिए एक सप्ताह बाद फिर से व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। इसके लिए एमजीएच प्रशासन को एक नोट बना कर दिया गया है। इस नोट के आधार पर उनको तैयारी करनी है। अस्पताल में विभिन्न प्रकार की व्यवस्था की जांच पड़ताल के लिए सरकार ने दो दिवसीय दौरा तय किया था। इसके लिए बांसवाड़ा में संयुक्त निदेशक डॉ. आरएन बैरवा का उदयपुर से भेजा गया। बैरवा ने शुक्रवार सुबह नौ बजे निरीक्षण शुरू किया। यह निरीक्षण शुक्रवार दोपहर में खत्म हुआ। अब जल्द ही बैरवा अपने निर्देशों का अमल हुआ या नहीं, इसकी जांच के लिए वापस एमजीएच का दौरा कर सकते है।
ऑटो क्लेब रूम में मशीनों की जांच करते इंजीनियर।