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डीएलसी दर बढ़ने से साफ हुआ विकास का रास्ता
भास्कर न्यूज. बांसवाड़ा
डीएलसीदर तय करने संबंधी प्रशासनिक बैठक में अहम फैसल किए जाने के बाद अब जिले के विकास का रास्ता साफ हो रहा है। अब तक पावर प्लांट की स्थापना से संबंधित 17 गांवों के लोगों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को इस बात का मलाल था कि जहां पहले से ही डीएलसी दर काफी कम है, वहां चार गुना मुआवजा राशि देने से भी ग्रामीणों को क्या फायदा होगा। यह मामला जब मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पास पहुंचा, तब राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर विचार कर जमीन अधिग्रहण के मामले में डीएलसी दर बढ़ाकर 5 से 9 गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया। अब जब इस निर्णय के तहत डीएलसी की बैठक के बाद दरें तय की गई हैं और संबंधित 17 गांवों की दरें 40 प्रतिशत तक बढ़ा दी हैं, ऐसे में इन क्षेत्रों तक जाने वाले हाईवे के दोनों ओर 200 मीटर तक की जमीनों की दरें तीन लाख रुपए प्रति बीघा होने से अब इन क्षेत्रों का विकास तेजी होगा। वहीं, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत आने वाले ग्रामीणों को उचित मुआवजा मिलने से उनका पुनर्वास ठीक से हो सकेगा।
आगामीप्रोजेक्ट के तहत भूमि अवाप्ति में मिलेगा लाभ
डीएलसीदर बढ़ने से आगामी वर्षों में आने वाले विकास के प्रोजेक्ट में डीएलसी दरें बढ़ने का लाभ मिलेगा। वहीं जिन प्रोजेक्ट की धारा चार जारी हो चुकी है, उन प्रोजेक्ट में भी लाभ मिलेगा।
बड़ेप्रोजेक्ट के लिए अच्छे संकेत
>माही परमाणु बिजलीघर बांसवाड़ा के चीफ प्रोजेक्ट इंजीनियर रंजय शरण ने बताया कि बिजलीघरों की स्थापना से संबंधित गांवों की डीएलसी दरें बढ़ना विकास की दृष्टि से अच्छा संकेत है। इससे जिले का आशानुरूप विकास होगा और बांसवाड़ा की पहचान आगामी कुछ ही वर्षों में पावरहब की बन जाएगी। अब मुआवजा संबंधी प्रस्ताव जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को भिजवाएंगे, जहां सरकार और एनपीसीआईएल के मध्य निगोशिएशन होगा। उसके बाद मुआवजा राशि का निर्धारण कर दिया जाएगा।
> उत्तर पश्चिम रेलवे के ट्रैक के विशेषाधिकारी कम भू अवाप्ति अधिकारी राजीव द्विवेदी ने बताया कि डीएलसी दरें बढ़ना अच्छा संकेत है। अब तक यह नियम रहा है कि धारा चार लागू करते वक्त की डीएलसी दर से मुआवजा दिया जाता रहा है। इस संबंध में सरकार से जैसे निर्देश मिलेंगे, उसी अनुसार कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
> उत्तर पश्चिम रेलवे नई ब्रॉडगेज लाइन के उपमुख्य अभियंता विन