बांसवाड़ा। बागी दौरा उपखंड क्षेत्र के गांगड़तलाई पंचायत समिति में प्रधान के चुनाव के दौरान उपद्रव होने के बाद से राजनीति गर्मा गई है। भाजपा और कांग्रेस ने इस घटनाक्रम के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। बताया जा रहा है कि हार होने की आशंका से पूर्व में ही पत्थरबाजी नियोजित थी।
क्योंकि यहां पर एक निर्दलीय जीती है जो कांग्रेस समर्थित है और टिकट नहीं मिलने की वजह से एरिका ने बागी उम्मीदवार का पर्चा भरकर चुनाव जीता था। जिसको लेकर भाजपा ने भी अपने डोरे डाले थे, लेकिन बताया जा रहा है कि एरिका ने अपनी कांग्रेस को ही समर्थन देने का फैसला किया था। इसी के चलते उपद्रव हो गया।आखिर में कांग्रेस उम्मीदवार सुभाष तंबोलिया को प्रधान चुना गया।
हमला तो उन्होंने किया: मालवीया
कांग्रेस विधायक महेंद्रजीतसिंह मालवीया ने कहा कि यदि किसी ने धमकी दी है, तो पुलिस में शिकायत करें और रिपोर्ट दर्ज कराए। लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास तो भाजपा ने किया। जो सदस्य मतदान के लिए रहे थे, उन्हें रोकने के लिए बीच रोड पर ट्रैक्टर तो उन्होंने खड़ा किया है। हमारे कार्यकर्ता और सदस्यों पर पथराव भी उन्होंने किया है। प्रशासन और पुलिस की यह नाकामी है। पुलिस पुख्ता सुरक्षा नहीं दे पाई। कई पुलिस वाले भी घायल हुए हैं। यह तो दिखती हुई बात है।
गांगड़तलाई में घटना हुई थी। पहाड़ों की ओर से कुछ लोगों ने पत्थरबाजी कर दी थी। लेकिन, माहौल को संभाल लिया और अभी पूर्ण रूप से शांति है -आरपीगोयल, एसपी
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी राजेंद्र प्रसाद गोयल के निर्देश पर डिप्टी विक्रमसिंह मय जाब्ता गांगड़तलाई पहुंचे। इसके बाद भी आवश्यकता महसूस होने पर 3 पुलिस के वाहनों में भरकर करीब 50 से ज्यादा जवान फिर भेजे गए। शाम तक मौके पर भारी तादाद में जवान मौजूद थे। डिप्टी विक्रमसिंह, रामकिशन, एसडीएम लालसिंह देवड़ा, सीआई मनोज सामरिया, सल्लोपाट एचएसओ भैयालाल रात तक वस्तुस्थिति पर नजर रखे हुए थे।
कुल सदस्य-17 , भाजपा के सदस्य -8 , कांग्रेस केसदस्य -8
निर्दलीय -1
हमले की वजह-निर्दलीय निर्वाचितसदस्य एरिका को कांग्रेस द्वारा बाड़ाबंदी करके ले जाने पर लोग भड़के।