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जिला प्रमुख नहीं बनाने पर पूर्व विधायक समर्थकों का हंगामा
जिला प्रमुखों में महिलाएं पुरुषों से ज्यादा पढ़ी
जयपुर। जिलाप्रमुख नहीं बनाने पर पूर्व विधायक (बस्सी) कन्हैयालाल मीणा के समर्थकों ने जिला परिषद के सामने हंगामा किया। समर्थकों पुलिस के बीच झड़प भी हुई। बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज कर समर्थकों को खदेड़ दिया। पूर्व विधायक समर्थकों के विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिला परिषद कलेक्ट्रेट के आसपास अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया। इसके साथ ही पांच घंटे तक आम लोगों वाहनों के वहां से गुजरने पर भी पाबंदी लगा दी। इससे राहगीर परेशान होते रहे। पूर्व विधायक (बस्सी) कन्हैयालाल मीणा शेखावत सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इसको देखते हुए कन्हैयालाल मीणा को ही जिला प्रमुख बनने की संभावना थी। लेकिन बाद में बदले समीकरणों से शनिवार सुबह भाजपा ने वार्ड नं. 51 से जीत कर आए मूलचंद मीणा को जिला प्रमुख प्रत्याशी घोषित कर दिया।
इससे पूर्व विधायक के समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा तथा वे जिला परिषद के बाहर पहुंच तक हंगामा करने लगे। इस पर पुलिस ने हल्का बलप्रयोग कर उन्हें हटा दिया। लेकिन समर्थक शाम तक कन्हैयालाल मीणा के पक्ष में नारेबाजी करते रहे।
पूर्व विधायक कन्हैयालाल मीणा ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि जिला प्रमुख बनाने के पार्टी फैसले का वे समर्थन करते हैं। समर्थक भी पार्टी कार्यकर्ता ही है।
रेलवे स्टेशन खासाकोठी पर जाम की स्थिति :
पुलिस ने जिला परिषद कलेक्टर के पास ट्रैफिक को रोक दिया। ऐसे में खासाकोठी चौराहा कलेक्ट्रेट से पानीपेच की तरफ तथा चिंकारा से खासाकोठी - एमआई रोड की तरफ जाने वाले वाहनों को दूसरे रास्तों से डायवर्ट किया गया। इससे रेलवे स्टेशन, खासाकोठी से कलेक्ट्रेट तक जाम की स्थिति हो गई। बदइंतजामी के कारण वाहन चालक परेशान होते रहे।
वाहनों में लाए और वापस होटल ले गए :
जिला परिषद के उपजिला प्रमुख का चुनाव रविवार को होगा। ऐसे में भाजपा के नेताओं ने जीते हुए सभी जिला परिषद सदस्यों को जिला प्रमुख के मतदान के लिए कलेक्ट्रेट में एक साथ वाहनों में लाए। जिला प्रमुख की जीत के बाद वापस वाहनों में बैठाकर बिलोची की होटल में ले गए। बताया जा रहा है कि अब रविवार को उप जिला प्रमुख का चुनाव होने के बाद ही जीते हुए पार्षदों को घर जाने दिया जाएगा।
भीलवाड़ा. मांडल पंचायत समिति की नवनिर्वाचित प्रधान अाशा बैरवा पंधान चुनाव जीतने से पहले मांडल कस्बे में अपनी दुकान पर सब्जी बेचतीं थीं। (फाइल फोटो)
सिटी रिपोर्टर. जयपुर
नवनिर्वाचित जिला प्रमुखों में साक्षरता के मामले में महिलाओं का साक्षरता स्तर पुरुषों से बेहतर रहा है। कुल 33 जिला प्रमुखों में से 18 महिलाएं हैं। इनमें से 6 महिलाएं पोस्ट ग्रेजुएट हैं जबकि इनके मुकाबले 4 पुरुष ही पोस्ट ग्रेजुएट हैं। वहीं 6 महिलाएं ग्रेजुएट हैं जबकि पुरुष ग्रेजुएट्स केवल 2 हैं। इसी तरह से सीनियर सेकेंडरी पास कुल 5 जिला प्रमुखों में से 3 महिलाएं, 2 पुरुष तथा सेकेंडरी पास 8 जिला प्रमुखों में से 2 महिलाएं तथा 6 पुरुष हैं। इनके अलावा एक महिला साक्षर तथा एक पुरुष प्रोफेशनल ग्रेजुएट है।
जिलाप्रमुखों का साक्षरता स्तर
एकप्रोफेशनल ग्रेजुएट, 10 पोस्ट ग्रेजुएट, 8 ग्रेजुएट, 5 सीनियर सेकेंडरी, 8 सेकेंडरी तथा एक साक्षर है पोस्टग्रेजुएट : अजमेर,जयपुर, जोधपुर, झुंझुनूं, दौसा, धौलपुर, नागौर, प्रतापगढ़, भरतपुर और हनुमानगढ़। ग्रेजुएट: चित्तौडगढ,जैसलमेर, जालौर, बाड़मेर, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सिरोही, सीकर। सीनियरसेकंडरी : अलवर,उदयपुर,कोटा, गंगानगर, बूंदी, सेकेंडरी: करोली,चूरू, झालावाड़, टोंक, पाली, बारां, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, केवलसाक्षर : बीकानेर