मौताणे की मांग पर 7 घंटे तक हंगामा
भास्कर न्यूज। बांसवाड़ा/छोटा डूंगरा
अपनेस्कूल से बाइक लेकर घर लौट रहे छात्र को डंपर चालक द्वारा कुचल देने की घटना के दूसरे दिन परिजनों के साथ ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। सोमवार सुबह जालिमपुरा मैन सड़क पर उन्होंने रास्ता रोके रखा और मौताणे की मांग पर 7 घंटे तक अड़े रहे।
घटना की सूचना पर अधिकारियों के साथ पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। परिजनों को समझाइश कर जाम को खुलवाया। घटना बांसवाड़ा शहर से 45 किमी दूर सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र के जालिमपुरा मैन रोड की है, जहां रविवार को बांकाखूंटा गांव के रहने वाले 18 साल के स्कूली छात्र महेन्द्र बारिया पुत्र डाडमचंद बारिया को तेज रफ्तार से रहे पंडवाल रोड से क्रेशर गिट्टी भरकर रहे डंपर ने टक्कर मारकर कुचल दिया था। वह डूंगरा छोटा स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था।
इस घटना से गुस्साए परिजन और ग्रामीण आरोपी को गिरफ्तार कर मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे। चौकी और थाने से बुलाई गई पुलिस टीम को उनकी समझाइश के लिए खूब जतन करने पड़े। आरोपी की तो अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई, लेकिन वाहन के मालिक की ओर से नकदी और बीमा क्लेम देने पर सहमति जताई गई। तब कहीं जाकर आपसी राजीनामे के बाद वे शव का अस्पताल में पोस्टमार्टम कराए जाने को माने। इसके बाद पुलिस परिजनों को बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में ले गई, जहां मेडिकल बाेर्ड के जरिए शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने रविवार को ही अस्पताल की मोर्चरी में शव रखवा दिया था, लेकिन हंगामा सोमवार सुबह हुआ। इस दौरान भाजपा नेता दीपसिंह वसुनिया, छगनभाई, पूर्व सरपंच किड़ियाभाई के साथ ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे।
भाई-बहन में सबसे बड़ा था
महेंद्रबारिया अपने भाई-बहन में सबसे बड़ा था। उसकी 15 वर्षीया छोटी बहन मनीषा और छोटा भाई 14 वर्षीय मनाेज है। दोनों कक्षा 9वीं में पढ़ते हैं। घटना के बाद से दोनों का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका था।
दोदिन पहले ही सूरत से घर आए थे माता-पिता
मृतकछात्र का परिवार स्टेट बीपीएल है। उसके माता-पिता सूरत में मजदूरी करते हैं, जबकि बच्चे यहां घर पर पढ़ने की खातिर रहते हैं। माता-पिता दो दिन पूर्व ही जालिमपुरा गांव में लगे भामाशाह शिविर में अपना नाम जुड़वाने की खातिर सूरत से घर आए हुए थे और वे वापस लौटने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बीती शाम को यह हादसा हो ग